नयी दिल्ली, 17 मार्च (भाषा) जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) ने वसंत कुंज (उत्तर) थाने के प्रभारी को भेजे पत्र में आरोप लगाया है कि वर्तमान में जमानत पर रिहा 14 विद्यार्थी “जमानत की शर्तों का बार-बार उल्लंघन” कर रहे हैं।
नौ मार्च के पत्र में कहा गया है कि छात्रों को दी गई जमानत की स्पष्ट शर्तों में से एक यह थी कि वे परिसर के भीतर या आसपास अथवा कहीं और किसी भी सभा या विरोध प्रदर्शन में भाग नहीं लेंगे, उसका आयोजन नहीं करेंगे और न ही उसका नेतृत्व करेंगे।
पत्र में कहा गया है, “हालांकि, ये विद्यार्थी विश्वविद्यालय के ‘आउट-ऑफ-बाउंड्स’ (प्रतिबंधात्मक) आदेश की अवहेलना करते हुए जेएनयू परिसर में प्रवेश कर रहे हैं और विरोध गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं तथा उनका आयोजन कर रहे हैं।”
पत्र में कहा गया, “आठ-नौ मार्च 2026 की देर रात इन छात्रों ने फिर एक विरोध मार्च में भाग लिया और एसएल (स्कूल ऑफ लैंग्वेज)/एसआईएस (स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज) के लॉन में तिरपाल लगाकर अस्थायी डेरा बनाया। विश्वविद्यालय सुरक्षा प्रबंधन पहले तंबू, कंबल और गद्दे हटा चुकी थी, लेकिन ढांचा दोबारा खड़ा कर दिया गया है।”
पत्र में थाना प्रभारी से अनुरोध किया गया कि संबंधित विद्यार्थियों द्वारा जमानत की शर्तों का पालन सुनिश्चित करने के लिए उचित कार्रवाई की जाए।
इस पत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए जेएनयूएसयू ने आरोपों को निराधार बताया।
भाषा खारी दिलीप
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