राजकोट में अतिक्रमण रोधी अभियान के तहत 1,489 अवैध संपत्तियां ढहाई जाएंगी

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राजकोट में अतिक्रमण रोधी अभियान के तहत 1,489 अवैध संपत्तियां ढहाई जाएंगी

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  • Publish Date - February 22, 2026 / 05:18 PM IST,
    Updated On - February 22, 2026 / 05:18 PM IST

राजकोट, 22 फरवरी (भाषा) गुजरात के राजकोट में नगर निकाय के अधिकारियों ने रविवार को एक व्यापक अतिक्रमण रोधी अभियान शुरू किया, जिसके तहत 1,489 अवैध संपत्तियों को ढहाया जाएगा।

अधिकारियों ने बताया कि उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी के आदेश के बाद राजकोट नगर निगम (आरएमसी) ने जंगलेश्वर इलाके में अतिक्रमण रोधी अभियान शुरू कर दिया है।

नगर आयुक्त तुषार सुमेरा ने बताया कि आरएमसी पुलिस के सहयोग से जंगलेश्वर में अजी नदी के किनारे और नगर निगम के शहरी नियोजन में शामिल एक सड़क पर स्थित 1,489 संपत्तियों को ध्वस्त करेगी।

सुमेरा के मुताबिक, नगर निकाय ने इलाके को खाली कराने का काम शनिवार को शुरू कर दिया था।

उन्होंने बताया कि अतिक्रमण रोधी अभियान के संचालन और कानून-व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए भक्तिनगर सर्कल के पास स्थित शेठ हाई स्कूल में नगर निगम के 1,200 से अधिक अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।

सुमेरा ने कहा, ‘‘कई लोग शांतिपूर्वक मकान खाली कर रहे हैं और उन्हें अपना सामान ले जाने की अनुमति दी जा रही है। 1,489 मकानों में से अधिकतर को ध्वस्त कर दिया जाएगा।’’

उन्होंने कहा कि अभियान नियमों के अनुसार चलाया जाएगा।

सुमेरा के अनुसार, क्षेत्र में एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है और वह व्यक्तिगत रूप से प्रक्रिया की निगरानी करेंगे।

हालांकि, इस अभियान को लेकर इलाके में दशकों से रह रहे लोगों में आक्रोश पैदा हो गया है।

जंगलेश्वर में गली नंबर 3 के निवासी हारुनभाई सुमरा ने कहा कि वह इस इलाके में 43 वर्षों से रह रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह और उनकी बहन दोनों दिव्यांग हैं, जो परिवार के भरण-पोषण के लिए दिहाड़ी मजदूर के रूप में काम करते हैं।

सुमरा ने कहा, ‘‘हमें दो दिन पहले ही बताया गया कि हमारा घर गिरा दिया जाएगा। अब हम कहां जाएंगे? शायद हमें सड़क पर रहना पड़े।’’

वहीं, एक अन्य निवासी हेलिनबेन ने कहा कि उनका परिवार 50 वर्षों से जंगलेश्वर में रह रहा है और उन्हें अचानक मकान खाली करने का आदेश दिया गया है।

हेलिनबेन ने कहा, ‘‘आठ लोगों के परिवार को किराए पर घर देने के लिए कोई भी तैयार नहीं है। हम सड़क पर रहने की तैयारी कर रहे हैं।’’

भाषा पारुल नेत्रपाल

नेत्रपाल