वियतनाम में नौका पलटने से 15 भारतीय पर्यटकों की मौत

वियतनाम में नौका पलटने से 15 भारतीय पर्यटकों की मौत

वियतनाम में नौका पलटने से 15 भारतीय पर्यटकों की मौत
Modified Date: July 12, 2026 / 12:13 am IST
Published Date: July 12, 2026 12:13 am IST

चेन्नई, 11 जुलाई (भाषा) वियतनाम घूमने गए दक्षिण भारत के मोबाइल फोन कंपनी के कारोबारी सहयोगियों की यात्रा शनिवार को एक दर्दनाक हादसे में बदल गई जहां नाव पलटने की घटना में 15 भारतीयों की मौत हो गई।

तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली निवासी शेख अब्दुल्ला अब्दुल मजीद भी मृतकों में शामिल हैं।

मजीद के एक रिश्तेदार ने बताया, ‘‘उन्होंने सुबह अपनी नन्हीं सी पोती का चेहरा वीडियो कॉल पर देखा और पत्नी व बेटे से बात की। किसी को नहीं पता था कि यह परिवार से उनकी आखिरी बातचीत होगी।’’

अब्दुल्ला एक मोबाइल फोन कंपनी के चैनल पार्टनर थे। कंपनी ने अपने बिजनेस सहयोगियों के लिए यह विदेश यात्रा प्रायोजित की थी।

हनोई में भारतीय दूतावास के अनुसार, वियतनाम के फू क्वोक द्वीप के पास नाव पलटने से तमिलनाडु के दस लोगों और आंध्र प्रदेश व केरल के क्रमशः तीन और दो लोगों की मौत हो गई।

दक्षिणी राज्यों की सरकारों ने कहा कि वे शव को जल्द से जल्द अपने-अपने राज्यों में लाने और पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद देने के लिए केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम कर रही हैं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने घटना पर शोक व्यक्त किया।

नाव में कुल 36 लोग सवार थे, जिनमें 32 भारतीय पर्यटक और स्थानीय चालक दल के चार सदस्य शामिल थे। इक्कीस लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया।

फू क्वोक वियतनाम का सबसे बड़ा द्वीप है, जो अपने सफेद रेतीले समुद्र तटों, कोरल रीफ और द्वीप पर्यटन के लिए प्रसिद्ध है।

अब्दुल्ला के रिश्तेदार ने कहा, ‘‘वह सामान्यतः यात्रा पर नहीं जाते थे। पहले उन्होंने अपने बेटे को भेजने का विचार किया था, लेकिन अंततः स्वयं चले गए। वह 9 जुलाई को वियतनाम गए थे और 13 जुलाई को लौटने वाले थे।’’

शनिवार सुबह उन्होंने बेटे से कारोबार के संबंध में बात की और पत्नी को बताया कि वे एक ऐसे द्वीप पर जा रहे हैं जहां मोबाइल नेटवर्क नहीं होगा। उन्होंने कहा था कि वापस आने के बाद फोन करेंगे।

उन्होंने अपनी नवजात पोती को वीडियो कॉल पर देखा। वही उनके परिवार से आखिरी संवाद साबित हुआ।

अब्दुल्ला के चचेरे भाई मोहम्मद इस्माइल ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया: ‘‘हमें यह खबर सीधे नहीं मिली। हमें वहां मौजूद लोगों (जो तमिलनाडु से वियतनाम गए थे) ने इसकी जानकारी दी। वे लावा मोबाइल कंपनी के खर्चे पर यात्रा पर गए थे।’’

इस बीच कंपनी लावा मोबाइल ने एक बयान जारी किया और घटना पर शोक व्यक्त किया।

कंपनी ने कहा, ‘‘हमें अत्यंत दुख के साथ पुष्टि करनी पड़ रही है कि फु क्वोक द्वीप के पास नाव दुर्घटना में हमारे 14 चैनल पार्टनर और लावा टीम के एक सदस्य की मौत हो गई है।’

उसने कहा, ‘‘हमारी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं उनके परिवारों और प्रियजनों के साथ हैं। यह एक अकल्पनीय त्रासदी है और दुख की इस घड़ी में हम उनके साथ खड़े हैं। हम वियतनाम में भारतीय दूतावास और स्थानीय अधिकारियों के लगातार संपर्क में हैं और शवों को जल्द से जल्द वापस लाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।’’

दुर्घटना में बचे निर्मल कुमार (पालनी, तमिलनाडु) ने बताया कि स्पीडबोट कुछ ही सेकंड में पलट गई। इसके पीछे ऊंची लहरें और संभवतः नाव में अधिक लोगों का होना कारण हो सकता है।

आंध्र प्रदेश के अशिष कुमार, जो मोबाइल कंपनी में वितरक हैं, ने बताया कि सभी लोग लावा मोबाइल के विक्रेता, वितरक और कर्मचारी थे। वे नौ जुलाई को वियतनाम पहुंचे थे और रविवार सुबह भारत लौटने वाले थे।

उन्होंने कहा कि तीन नावों में पर्यटकों को अलग-अलग समूहों में ले जाया जा रहा था। दुर्घटनाग्रस्त नाव ‘होन मे रुट नगोई’ द्वीप से दूसरे द्वीप की ओर निकली थी और केवल 300–400 मीटर ही आगे बढ़ी थी कि अचानक पलट गई।

उनके अनुसार, घटना स्थानीय समयानुसार दोपहर करीब 1:30 बजे हुई। सभी लोग मदद के लिए चिल्ला रहे थे। बचाव दल जल्द ही पहुंच गया और घायलों तथा शवों को किनारे लाया, हालांकि उनका दावा है कि मौके पर तुरंत चिकित्सा दल उपलब्ध नहीं था।

प्रधानमंत्री मोदी, राष्ट्रपति मुर्मू और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की।

तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और केरल की सरकारों ने कहा कि वे केंद्र सरकार के साथ मिलकर मृतकों के पार्थिव शरीर जल्द से जल्द भारत लाने और पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए कार्य कर रही हैं।

वियतनाम स्थित भारतीय दूतावास ने हादसे में जान गंवाने वाले 15 भारतीय पर्यटकों की पहचान भी जारी कर दी है।

भाषा शोभना देवेंद्र

देवेंद्र


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