नयी दिल्ली, दो सितंबर (भाषा) भारत ने बुधवार को बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित नेपाल को पांच टन से अधिक जरूरी दवाइयों की पांचवीं खेप और 11 सदस्यों वाली बचाव टीम भेजी।
नेपाल के अधिकारियों के अनुसार, पिछले सप्ताह आई अचानक बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,000 से अधिक हो गई है। बचावकर्मियों ने प्रभावित इलाकों से और शव बरामद किए हैं।
आपातकालीन दलों ने अब तक 12,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाल लिया है, जबकि करीब 4,000 लोग अब भी लापता हैं और खोज एवं बचाव अभियान जारी है।
विदेश मंत्रालय (एमईए) ने कहा, ‘मानवीय सहायता लेकर भारतीय वायुसेना का पांचवां विमान आज काठमांडू पहुंचा। इसमें करीब 5.5 टन चिकित्सा सामग्री शामिल है, जिसमें एंटीबायोटिक, दर्द निवारक दवाएं, शल्य चिकित्सा से जुड़ी सामग्री और अन्य जरूरी दवाइयां शामिल हैं।’
इसमें कहा गया है कि विमान में 11 सदस्यों की एक विशेष टीम और छह टन से अधिक बचाव का सामान भी था।
भारत अब तक नेपाल को करीब 74 टन राहत सामग्री उपलब्ध करा चुका है।
विदेश मंत्रालय ने बताया कि अब तक 166 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचाया गया है, जिनमें बुधवार को बचाए गए तीन लोग भी शामिल हैं।
मंत्रालय ने कहा कि तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में तीर्थयात्रा या अन्य गतिविधियों के लिए गए कुल 410 भारतीय नागरिक बुधवार को चीन से रवाना हो चुके हैं।
विदेश मंत्रालय ने नेपाल में भारतीय सुरंग बचाव दल के काम के बारे में भी जानकारी दी।
इसने कहा, ‘भारतीय सुरंग बचाव दल ने आज अपना आधार बदलकर त्रिशूली से स्याब्रूबेसी कर लिया है, जिससे चिलिमे तक पहुंचने में लगने वाला समय कम हो जाएगा, जहां बचाव अभियान जारी है।’
इसमें कहा गया है, ‘दल ने नेपाली सेना के साथ मिलकर चिलिमे में अपना तलाशी अभियान जारी रखा। सुरंग के अंदर गहरी कीचड़ और अवरोधों के बावजूद दल आज लगभग 100 मीटर आगे बढ़ने में कामयाब रहा।’
विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत से बुधवार दोपहर पहुंचे 11 बचाव विशेषज्ञों का दल विशेष उपकरणों के साथ त्रिशूली बाजार के पास पहुंच गया है और इसके नेपाली सेना के साथ समन्वय कर बृहस्पतिवार से अपना काम शुरू करने की उम्मीद है।
भारत ने नेपाल में एक फॉरेंसिक दल भी भेजा है।
भाषा
शुभम रंजन
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