भुवनेश्वर, दो सितंबर (भाषा) युवक कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने उत्तराखंड के एक स्थल पर कथित जातिगत ‘शुद्धीकरण’ अनुष्ठान से जुड़ी टिप्पणियों को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को वापस लेने की मांग को लेकर बुधवार को यहां विरोध मार्च निकाला।
उत्तराखंड के हलद्वानी में वाल्मीकि समाज के एक सदस्य की शिकायत के आधार पर राहुल गांधी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि कांग्रेस नेता ने मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यक्रम स्थल पर आयोजित एक धार्मिक अनुष्ठान को जातिवादी रंग दिया।
युवक कांग्रेस के प्रदेश इकाई के अध्यक्ष रंजीत पात्रा के नेतृत्व में युवक कांग्रेस के कई कार्यकर्ता कांग्रेस भवन से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश मुख्यालय की ओर विरोध मार्च निकाल रहे थे। हालांकि, पुलिसकर्मियों ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया, जिससे दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की हुई।
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने युवक कांग्रेस के कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया और बाद में उन्हें छोड़ दिया।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का पुतला तथा प्रतीकात्मक तौर पर मनुस्मृति को भी जलाया।
पात्रा ने आरोप लगाया कि भाजपा नीत केंद्र सरकार ने आंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान को समाप्त कर उसकी जगह मनुस्मृति लागू करने की साजिश रची है।
उन्होंने आरोप लगाया, ‘सरकार संविधान का पालन नहीं कर रही है; इसके बजाय मनुस्मृति के निर्देशों का पालन किया जा रहा है।’
पात्रा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का भाजपा और उसके समर्थकों ने इसलिए अपमान किया क्योंकि वह दलित समुदाय से आते हैं।
भाषा सुमित माधव
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