शिमला, आठ अगस्त (भाषा) हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में शनिवार सुबह करीब सवा सात बजे एक निजी बस पलटकर नीचे की सड़क पर जा गिरी, जिससे सात यात्रियों की मौत हो गई और 11 अन्य लोग घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी।
यह हादसा उस समय हुआ जब बस बैरागढ़ से चंबा जा रही थी। बैरागढ़-तीसा मार्ग पर चालुज मोड़ के पास बस पलट गई। चुराह घाटी का 27 किलोमीटर लंबा यह पहाड़ी मार्ग बेहद संकरा है और कई जगह गहरी खाइयां हैं। यह मार्ग ऊंचाई पर स्थित साच दर्रे की ओर जाने वाले प्रमुख रास्तों में से एक है।
राज्य के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस हादसे में लोगों के हताहत होने पर दुख व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने फेसबुक पर एक पोस्ट साझा करते हुए सुक्खू के हवाले से कहा कि चंबा जिले के तीसा-बैरागढ़ मार्ग पर चालुज मोड़ के पास हुए बस हादसे में सात लोगों के निधन तथा 11 अन्य लोगों के घायल होने का समाचार अत्यंत दुखद है।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘इस दुःखद हादसे में अपनों को खोने वाले परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। ईश्वर दिवंगत जन की आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिजन को इस अपार दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करें।’’
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन को सभी घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराकर उनके समुचित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की ईश्वर से प्रार्थना करता हूं।’’
चंबा के पुलिस अधीक्षक विजय सकलानी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि अभी इसकी सटीक जानकारी नहीं है कि बस में कुल कितने लोग सवार थे।
उन्होंने बताया कि यात्रियों की चीख-पुकार सुनकर स्थानीय लोग मदद के लिए मौके पर पहुंचे और पुलिस को दुर्घटना की सूचना दी।
पुलिस ने बताया कि घटनास्थल पर बचाव अभियान जारी है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), पुलिस, होमगार्ड, अग्निशमन सेवा और राजस्व विभाग के कर्मियों की टीम बचाव कार्य में जुटी है।
घायल 11 लोगों में से छह की हालत गंभीर है और उन्हें चंबा में पंडित जवाहरलाल नेहरू राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल में रेफर किया गया है।
पुलिस ने बताया कि हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है।
स्थानीय प्रधान मंधी राणा ने भी बताया कि बचाव अभियान जारी है।
पुलिस के अनुसार, हताहतों की संख्या बढ़ सकती है क्योंकि कुछ यात्रियों के बस के मलबे के नीचे दबे होने की आशंका है।
पुलिस ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में मौजूदा मानसून के दौरान 30 जून से सात अगस्त तक सड़क हादसों में 78 लोगों की मौत हो चुकी है।
भाषा सिम्मी प्रशांत
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