नयी दिल्ली, 17 मार्च (भाषा) राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत लगभग 3,000 मेगावाट की सालाना ‘इलेक्ट्रोलाइज़र’ बनाने की क्षमता और 8,62,000 टन हरित हाइड्रोजन क्षमता आवंटित की गई है। मंगलवार को यह जानकारी संसद को दी गई।
राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन (एनजीएचएम) के तहत, भारत का लक्ष्य वर्ष 2030 तक सालाना 50 लाख टन हरित हाइड्रोजन उत्पादन क्षमता स्थापित करना है।
मिशन की मौजूदा स्थिति बताते हुए, केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपाद नाइक ने कहा कि सालाना 3,000 मेगावाट की ‘इलेक्ट्रोलाइज़र’ बनाने की क्षमता आवंटित की गई है, जिसके लिए कुल 4,440 करोड़ रुपये का वित्तीय प्रोत्साहन दिया गया है।
मंत्री ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि सालाना 8,62,000 टन हरित हाइड्रोजन उत्पादन क्षमता आवंटित की गई है, जिसके लिए कुल 5,294 करोड़ रुपये का वित्तीय प्रोत्साहन दिया गया है।
नाइक ने कहा कि इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड की रिफाइनरी को आपूर्ति के लिए सालाना 20,000 टन हरित हाइड्रोजन उत्पादन और आपूर्ति क्षमता आवंटित की गई है, जिसके लिए कुल 240 करोड़ रुपये का वित्तीय प्रोत्साहन दिया गया है।
मंत्री ने कहा कि इसके अलावा, देश में हरित हाइड्रोजन से जुड़ी कई प्रायोगिक परियोजनाएं भी चलायी जा रही हैं।
भाषा राजेश राजेश अविनाश
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