8th Pay Commission update today. image source: ibc24
नई दिल्ली। 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के संगठन 3.25 तक फिटमेंट फैक्टर लागू करने की मांग कर रहे हैं। ( 8th Pay Commission update) अगर सरकार इस पर सहमत होती है, तो कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन में अब तक की सबसे बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। इससे न्यूनतम वेतन और सालाना इंक्रीमेंट में भी बड़ा उछाल आएगा।
महंगाई में लगातार इजाफा, रहने-खाने का बढ़ता खर्च और लंबे समय से वेतन संशोधन में देरी के कारण कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ रही है। ( 8th Pay Commission latest news) इसी वजह से अधिक फिटमेंट फैक्टर की मांग फिर जोर पकड़ रही है। कर्मचारी यूनियनों का कहना है कि सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की वास्तविक आय में ठोस सुधार के लिए 8वें वेतन आयोग को पुराने मानकों से आगे बढ़ना चाहिए।
फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गनाइजेशन्स (FNPO) ने 3.0 से 3.25 के बीच मल्टी-लेवल फिटमेंट फैक्टर की मांग रखी है। ( 8th Pay Commission latest news) इसका मकसद वेतन ढांचे की विसंगतियों को दूर करना और सभी पे लेवल पर संतुलित सैलरी ग्रोथ सुनिश्चित करना है।
यदि मौजूदा न्यूनतम बेसिक पे 18,000 रुपये पर 3.25 का फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो यह बढ़कर करीब 58,500 रुपये हो सकता है। ( 8th Pay Commission update) इसके साथ ही फेडरेशन ने मौजूदा दर से अधिक 5% सालाना इंक्रीमेंट की भी मांग की है।
FNPO ने 8वें वेतन आयोग के लिए एक ग्रेडेड फिटमेंट स्ट्रक्चर का प्रस्ताव दिया है—
लेवल 1 से 5: फिटमेंट फैक्टर 3.0
लेवल 6 से 12: 3.05 से 3.10
लेवल 13 से 13A: 3.05
लेवल 14 से 15: 3.15
लेवल 16: 3.20
लेवल 17 से 18: 3.25
कर्मचारी प्रतिनिधियों का कहना है कि इस व्यवस्था से जूनियर और सीनियर कर्मचारियों—दोनों को बेहतर बढ़ोतरी मिलेगी और अलग-अलग पे लेवल के बीच का अंतर भी कम होगा।
7वें वेतन आयोग में 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था, जिसके तहत न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये तय हुई थी। ( 8th Pay Commission latest news) हालांकि उस समय इसे बड़ी राहत माना गया था, लेकिन यूनियनों का तर्क है कि बढ़ती महंगाई और घरेलू खर्चों ने इसकी प्रभावशीलता कम कर दी है।
8वें वेतन आयोग से सैलरी, पेंशन और भत्तों की व्यापक समीक्षा की उम्मीद है। ( 8th Pay Commission update) इसी वजह से कर्मचारी संगठन सरकार से एक ऊंचा और व्यावहारिक बेंचमार्क अपनाने की मांग कर रहे हैं, जो मौजूदा आर्थिक हालात और भविष्य के खर्चों को दर्शाए।
8वें वेतन आयोग की घोषणा जनवरी 2025 में हो चुकी है, लेकिन इसकी सिफारिशों के तुरंत लागू होने की संभावना कम है।( 8th Pay Commission update) पिछले आयोगों की तरह, परामर्श, रिपोर्ट और अंतिम मंजूरी की प्रक्रिया में 18 से 24 महीने लग सकते हैं। NC-JCM के स्टाफ साइड सहित कर्मचारी यूनियनों और आयोग के बीच बातचीत 2026 की शुरुआत में तेज होने की उम्मीद है।
वेतन आयोग पर चर्चा के बीच कर्मचारी संगठनों ने दबाव बढ़ा दिया है। कन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लॉइज एंड वर्कर्स ने 12 फरवरी 2026 को एक दिन की देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है।
( 8th Pay Commission update today) कैबिनेट सेक्रेटरी को दिए गए नोटिस में संगठन ने कहा कि हड़ताल का उद्देश्य वेतन संशोधन, पेंशन, सेवा शर्तों, श्रम सुधारों और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े लंबे समय से लंबित मुद्दों को उजागर करना है।
चार्टर ऑफ डिमांड्स – पार्ट A
8वें वेतन आयोग के टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) में बदलाव
50% DA/DR को बेसिक पे और पेंशन में मर्ज करना
NPS/UPS समाप्त कर OPS की बहाली
कोविड काल में फ्रीज किए गए 18 महीने के DA/DAR का भुगतान
कम्यूटेड पेंशन की शीघ्र बहाली
खाली पदों को भरना और आउटसोर्सिंग समाप्त करना
कॉन्ट्रैक्ट, कैजुअल और GDS कर्मचारियों का नियमितीकरण
पार्ट B
चार लेबर कोड समाप्त करना
न्यूनतम पेंशन 9,000 रुपये प्रतिमाह
आवश्यक वस्तुओं पर GST हटाना
निजीकरण और कॉर्पोरेटाइजेशन का विरोध
स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा तक सार्वभौमिक पहुंच
बढ़ती महंगाई और यूनियनों के दबाव को देखते हुए फिटमेंट फैक्टर 8वें वेतन आयोग की बातचीत का केंद्र बनता जा रहा है। यदि 3.25 के फिटमेंट फैक्टर को मंजूरी मिलती है, तो यह वेतन संशोधन की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम होगा, जिससे सभी स्तरों पर सैलरी और पेंशन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी संभव है। फिलहाल, सरकारी कर्मचारी और पेंशनभोगी इस बात पर नजर बनाए हुए हैं कि ये मांगें अंतिम सिफारिशों में शामिल होती हैं या लंबी बातचीत का हिस्सा बनी रहती हैं।