नयी दिल्ली, छह जनवरी (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने दो लोगों को 2013 में ओखला औद्योगिक क्षेत्र में अपने कार्यस्थल के बाहर अपने सहकर्मी पर चाकू से हमला करके उसकी हत्या का प्रयास करने का दोषी ठहराया है और कहा है कि यह हमला जान से मारने के स्पष्ट इरादे से किया गया था।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गीतांजलि ने आशु सिंह और शेर सिंह को यह कहते हुए भारतीय दंड संहिता (भादंसं) की धाराओं 307 (हत्या का प्रयास) और 34 (साझा इरादा) के तहत दोषी ठहराया कि जख्म शरीर के महत्वपूर्ण अंगों पर धारदार हथियार से पहुंचाये गये और ‘खतरनाक प्रकृति’ के थे।
अदालत ने कहा कि हमले का तरीका और जख्म की प्रकृति हत्या के प्रयास के अपराध के लिए आवश्यक इरादे और जानकारी को दर्शाती है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 18 अप्रैल, 2013 को सुनील कुमार पर इन दोनों आरोपियों ने अपनी कंपनी के परिसर के बाहर घात लगाकर हमला किया।
वकील ने कहा कि सुनील ने एक दिन पहले इन दोनों पुरुषों और कुछ अन्य सहकर्मियों के बीच हुए झगड़े में हस्तक्षेप किया था, जिसके बाद आरोपियों ने उसे निशाना बनाने की ठान ली।
अदालत ने कहा किया कि सुनील को एक ट्रक की ओर घसीटकर ले जाया गया, जहां आशु सिंह ने उसे आगे से पकड़े रखा तथा शेर सिंह ने उसकी छाती के दाहिने हिस्से और शरीर के अन्य हिस्सों पर बार-बार चाकू से वार किए।
अदालत 12 जनवरी को सजा सुनायेगी।
भाषा राजकुमार दिलीप
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