घर बनेगा बच्चों की ‘पाठशाला’, खेल-खेल में सीखेंगे एमसीडी स्कूलों के बच्चे

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घर बनेगा बच्चों की ‘पाठशाला’, खेल-खेल में सीखेंगे एमसीडी स्कूलों के बच्चे

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  • Publish Date - August 18, 2026 / 08:03 PM IST,
    Updated On - August 18, 2026 / 08:03 PM IST

नयी दिल्ली, 18 अगस्त (भाषा) दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के स्कूलों को बच्चों को सीखने की प्रक्रिया में जल्द ही नये अनूठे तरीके अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा जिससे वे अपने घरों में अभिभावकों के साथ रोजमर्रा के कामों में नयी-नयी बात सीख पाएंगे जैसे कौन सी चीजें पानी में डूब सकती हैं और जबकि कौन-सी अन्य सतह पर तैरती रहती हैं।

दिल्ली नगर निगम एक नयी पहल शुरू करने जा रहा है, जिसके तहत अभिभावकों को ऐसी सरल गतिविधियां और सुनाई देने वाली या दिखाई देने वाली सामग्री दी जाएगी, जिन्हें वे अपने बच्चों के साथ घर पर आसानी से कर सकें। इसका उद्देश्य बच्चों की बुनियादी शिक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ उनकी पढ़ाई में अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी बढ़ाना है।

अधिकारियों ने बताया कि यह पहली बार है जब एमसीडी अभिभावकों के लिए घर पर बच्चों के साथ करने वाली इस तरह की व्यवस्थित और खेल-आधारित गतिविधियां शुरू कर रहा है। इसके जरिए पढ़ाई को कक्षा की चारदीवारी से बाहर ले जाने की कोशिश की जाएगी।

एमसीडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “मसलन, माता-पिता बच्चे के साथ बैठकर पानी से भरे एक बर्तन और चम्मच, कंचा, रबर या छोटी गेंद जैसी चीजों का इस्तेमाल कर यह समझा सकते हैं कि कौन-सी वस्तुएं पानी में तैरती हैं और कौन-सी डूब जाती हैं।”

उन्होंने बताया कि सामग्री में फूल बनाने जैसी सरल कला एवं शिल्प गतिविधियों के अलावा छोटे-छोटे शारीरिक व्यायाम और ऐसे वीडियो भी शामिल हैं, जिनका उद्देश्य बच्चों में सकारात्मक व्यवहार को बढ़ावा देना तथा अभिभावक-छात्रों के बीच संवाद एवं मेलजोल बढ़ाना है।

‘प्रतिभागिता’ नाम की यह पहल तीन से छह वर्ष की आयु के ‘प्री-प्राइमरी’ बच्चों पर केंद्रित होगी। इसके साथ ही एक अलग पहल के जरिए प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों के माता-पिता की भागीदारी और उनके साथ नियमित संवाद को बढ़ाया जाएगा।

अधिकारियों ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य घर के माहौल को बच्चे के सीखने की जगह का बनाना है।

एक अन्य अधिकारी ने कहा, “इस पहल का उद्देश्य अभिभावकों की भागीदारी बढ़ाना है। अब उन्हें स्कूल से केवल सूचनाएं ही नहीं मिलेंगी, बल्कि बच्चों के साथ समय बिताते हुए करने के लिए आसान गतिविधियां और उपयोगी संदेश भी मिलेंगे।”

यह सामग्री छोटे और आसान प्रारूप में भेजी जाएगी, ताकि माता-पिता उसे आसानी से समझ सकें और गतिविधियों को बच्चों के साथ कर सकें। कुछ वीडियो एनिमेशन के जरिए तैयार किए गए हैं, जबकि कुछ में लोगों को वास्तविक गतिविधियां करते हुए दिखाया गया है।

प्रारंभिक बाल शिक्षा और अभिभावकों की भागीदारी के क्षेत्र में काम करने वाला गैर-लाभकारी संगठन ‘रॉकेट लर्निंग’ इस पहल के लिए एमसीडी के साथ सहयोग कर रहा है।

संगठन के एक प्रतिनिधि ने बताया कि यह कार्यक्रम एमसीडी के सभी 12 जोन के स्कूलों में लागू किया जाएगा। यह पहल कक्षा एक से पांच तक के बच्चों को भी शामिल करेगी, हालांकि प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए इसका स्वरूप अलग होगा।

इस पहल को 24 अगस्त को औपचारिक रूप से शुरू होने के बाद लागू किया जा सकता है।

भाषा खारी माधव

माधव