नयी दिल्ली, 18 अगस्त (भाषा) दिल्ली भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) ने दिल्ली जल बोर्ड की मलजल शोधन संयंत्र (एसटीपी) परियोजनाओं की निविदा प्रक्रिया से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मामले में आम आदमी पार्टी (आप) नेता और पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन और बोर्ड के पूर्व सीईओ उदित प्रकाश राय को गिरफ्तार कर लिया है। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
एसीबी ने बताया कि जैन व राय के अलावा चार और लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
गिरफ्तार किए गये लोगों में जल बोर्ड के पूर्व संविदा सलाहकार अंकित श्रीवास्तव तथा नागेंद्र यादव, राजा कुमार कुर्रा और पंकज वर्मा भी शामिल हैं।
डीजेबी के सीवेज उपचार संयंत्रों के विस्तार और उन्नयन से संबंधित निविदा प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर कथित अनियमितताओं, निविदा शर्तों में हेरफेर और आपराधिक साजिश को लेकर सतर्कता निदेशालय की एक शिकायत पर 11 मई, 2024 को मामला दर्ज किया गया था।
एसीबी के अनुसार, जांच में पाया गया कि निविदा प्रक्रिया में कथित तौर पर ऐसी तकनीकी विशिष्टताएं और शर्तें शामिल की गई थीं, जो एक विशेष प्रौद्योगिकी प्रदाता कंपनी यूरोटेक एनवायरनमेंट प्राइवेट लिमिटेड को फायदा पहुंचाने वाली थीं। बयान में कहा गया कि इससे प्रतिस्पर्धा सीमित हुई और निजी कंपनी को अनुचित लाभ मिला।
बयान के अनुसार, एजेंसी ने आरोप लगाया कि प्रस्तावित प्रायोगिक अध्ययन नहीं किया गया, जबकि निविदा में इस्तेमाल की जाने वाली प्रौद्योगिकी और माध्यम से संबंधित प्रतिबंधात्मक शर्तें शामिल की गईं। एजेंसी का यह भी आरोप है कि उपचारित अपशिष्ट जल से जुड़े महत्वपूर्ण मानकों को निविदा से बाहर रखा गया और तकनीकी विशिष्टताओं में बदलाव किए गए, जिससे सरकारी खजाने पर बड़ा वित्तीय बोझ पड़ा।
एसीबी ने कहा कि जांच में यह भी सामने आया कि निविदा प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए निजी व्यक्तियों, सरकारी अधिकारियों और बिचौलियों के बीच नियमित रूप से संपर्क और संवाद होता था। एजेंसी के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के विश्लेषण से पता चला कि निविदा की शर्तों व अन्य दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया गया था, जिन्हें बाद में दिल्ली जल बोर्ड की निविदा नोटिस में शामिल कर लिया गया।
बयान में कहा गया कि एजेंसी का आरोप है कि कमीशन या रिश्वत की रकम को ‘सृजनहार’ और ‘एएन एंटरप्राइजेज’ समेत विभिन्न मध्यस्थ संस्थाओं के जरिए भेजा गया।
जांच में कथित तौर पर पाया गया कि यादव की स्वामित्व वाली कंपनी के खाते में यूरोटेक से जुड़ी संस्थाओं द्वारा बड़ी रकम हस्तांतरित की गई। इसके बाद बैंकिंग माध्यमों से यह धनराशि कथित तौर पर राय और उनके रिश्तेदारों तक पहुंचाई गई।
एसीबी ने कहा कि एएन एंटरप्राइजेज के माध्यम से राय और उनके रिश्तेदारों के बैंक खातों में 1.52 करोड़ रुपये पहुंचे और इस धन का कथित तौर पर अचल संपत्ति खरीदने में इस्तेमाल किया गया।
एजेंसी ने कहा कि वह धन के पूरे प्रवाह और अपराध से अर्जित कथित आय की जांच कर रही है।
एसीबी ने कुर्रा, यादव और श्रीवास्तव के बीच बैठकों, निविदा की शर्तों और संशोधन अधिसूचनाओं को लेकर हुए कथित संवाद का भी हवाला दिया। एजेंसी के अनुसार, उपलब्ध सामग्री से संकेत मिलता है कि कुछ शर्तें यूरोटेक को लाभ पहुंचाने के लिए जोड़ी गईं या उनमें बदलाव किया गया।
एसीबी ने कहा कि सभी छह आरोपियों से पूछताछ की गई और उन्हें मंगलवार को कानून के अनुसार गिरफ्तार किया गया। एजेंसी ने बताया कि मामले की आगे की जांच जारी है।
इस बीच ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि दिल्ली के पूर्व मंत्री जैन को भाजपा के इशारे पर गिरफ्तार किया गया और दावा किया कि उनके खिलाफ यह मामला भी ”फर्जी” साबित होगा।
पूर्व मुख्यमंत्री ने पूछा कि जैन को जेल में बिताए गए समय और कथित मानसिक यातना के लिए मुआवजा कौन देगा।
केजरीवाल ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा ”तानाशाही कर रही है और लोगों को गलत तरीके से फंसा रही है’।’ उन्होंने कहा कि ‘आप’ और देश के लोग जैन के साथ मजबूती से खड़े हैं।
भाषा नोमान नोमान माधव
माधव