मणिपुर के नोनी जिले में सुरक्षाबलों के साथ झड़प में एक ग्राम स्वयंसेवक की मौत
मणिपुर के नोनी जिले में सुरक्षाबलों के साथ झड़प में एक ग्राम स्वयंसेवक की मौत
इंफाल, 29 जुलाई (भाषा) मणिपुर के नोनी जिले में बुधवार को सुरक्षाबलों और ग्राम स्वयंसेवकों के बीच हुई गोलीबारी में एक ग्राम स्वयंसेवक की मौत हो गई और एक अन्य घायल हो गया, जबकि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के दो जवान भी घायल हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों के अनुसार, यह घटना नागा बहुल नोनी जिले के बितियांग गांव में उस समय हुई, जब अभियान चला रहे सुरक्षाबलों पर ग्राम स्वयंसेवकों की ओर से गोलीबारी की गई।
मणिपुर में ग्राम स्वयंसेवक विभिन्न जातीय समुदायों के सशस्त्र नागरिक हैं, जो अपने-अपने क्षेत्रों की सुरक्षा करते हैं। इन स्वयंसेवकों ने वर्ष 2023 में राज्य में शुरू हुए जातीय संघर्ष के बाद यह जिम्मेदारी संभालनी शुरू की थी।
अधिकारियों ने बताया कि सुबह करीब आठ बजे हुई गोलीबारी में एक ग्राम स्वयंसेवक की मौत हो गई, जबकि दूसरा घायल हो गया। इस दौरान सीआरपीएफ के दो जवान भी छर्रे लगने से घायल हुए।
स्थानीय जनजातीय समुदाय के लोगों ने गांवों में सीआरपीएफ द्वारा चलाए गए अभियान के विरोध में प्रदर्शन किया।
नोनी संयुक्त जनजातीय परिषद की कार्यकारी समिति ने सुरक्षाबलों के अभियान के विरोध में जिले में सभी राष्ट्रीय राजमार्गों, रेलवे और राष्ट्रीय परियोजनाओं पर तत्काल और आपातकालीन बंद की घोषणा की।
परिषद ने एक बयान जारी कर सुरक्षाबलों द्वारा चलाए गए अभियान की निंदा की। मई 2023 से मणिपुर में घाटी क्षेत्र के मेइती समुदाय और पहाड़ी जिलों में रहने वाले कुकी समुदाय के बीच जारी जातीय हिंसा में अब तक कम से कम 260 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि हजारों लोग बेघर हुए हैं।
लगातार जारी जातीय हिंसा और मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद 13 फरवरी, 2025 को राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू किया गया था। लगभग एक साल बाद चार फरवरी, 2026 को इसे हटा लिया गया।
भाषा रवि कांत रवि कांत नरेश
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