आप सरकार पंजाब को कर्ज के बोझ तले धकेल रही है : रवनीत सिंह बिट्टू
आप सरकार पंजाब को कर्ज के बोझ तले धकेल रही है : रवनीत सिंह बिट्टू
चंडीगढ़, 29 जुलाई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने बुधवार को आम आदमी पार्टी (आप) नीत सरकार पर पंजाब को ‘‘कर्ज के जाल’’ में फंसाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार दीर्घकालिक आर्थिक विकास में निवेश करने के बजाय सब्सिडी और कल्याणकारी योजनाओं के वित्तपोषण के लिए कर्ज पर निर्भर है।
बिट्टू ने एक बयान में आरोप लगाया कि भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार वित्तीय जिम्मेदारी के बजाय ‘‘राजनीतिक दिखावे’’ को प्राथमिकता दे रही है और अपने राजनीतिक एजेंडे को बनाए रखने के लिए कर्ज के सहारे पंजाब का संचालन कर रही है।
वित्तीय अनुमानों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि ‘आप’ सरकार के अपने पांच साल के कार्यकाल में सब्सिडी और कल्याणकारी योजनाओं पर 11 लाख करोड़ रुपये से अधिक खर्च करने की उम्मीद है, जिसमें बिजली सब्सिडी पर लगभग 95,522 करोड़ रुपये शामिल हैं।
उन्होंने दावा किया कि पंजाब का कुल बकाया कर्ज बढ़कर 4.47 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है जबकि प्रति व्यक्ति कर्ज 1.04 लाख रुपये से अधिक हो सकता है।
मौजूदा स्थिति को ‘‘शासन के नाम पर लापरवाह वित्तीय कुप्रबंधन’’ बताते हुए बिट्टू ने कहा कि बढ़ता कर्ज का बोझ अंततः भावी पीढ़ियों और करदाताओं पर पड़ेगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि औद्योगीकरण, बुनियादी ढांचे, सिंचाई, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार सृजन में निवेश करने के बजाय सरकार ने लगातार ऋण लेने और अल्पकालिक राजनीतिक घोषणाओं पर निर्भर मॉडल अपनाया है।
बिट्टू ने दावा किया कि भारी सार्वजनिक खर्च के बावजूद पंजाब में औद्योगिक निवेश, विनिर्माण गतिविधियों और स्थायी रोजगार में उसके अनुरूप वृद्धि नहीं हुई। उन्होंने बड़े पैमाने पर निवेश और आर्थिक बदलाव नहीं होने को लेकर सरकार से सवाल किए।
भाजपा नेता ने मान से राज्य के ऋण में तीव्र वृद्धि, ऋण कम करने की रूपरेखा, सृजित स्थायी नौकरियों की संख्या, निजी निवेश आकर्षित करने में राज्य के प्रदर्शन और ऋण चुकाने पर कर राजस्व के अनुपात के बारे में जवाब मांगा।
बिट्टू ने कहा कि पंजाब को पारदर्शी शासन, जिम्मेदार वित्तीय प्रबंधन और संपदा सृजन पर केंद्रित विकास मॉडल की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भाजपा सामाजिक कल्याण के साथ आर्थिक वृद्धि का समर्थन करती है।
भाषा सुरभि नरेश
नरेश

Facebook


