चंडीगढ़, 12 जुलाई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पंजाब इकाई के अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने रविवार को आरोप लगाया कि भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने लगातार कर्ज लेकर राज्य को आर्थिक संकट में धकेल दिया है।
उन्होंने दावा किया कि सरकार द्वारा बार-बार लिए गए ऋण, राजस्व में मजबूत वृद्धि के उसके दावों के विपरीत हैं।
ढिल्लों ने एक बयान में पंजाब के वित्त विभाग की 10 जुलाई की अधिसूचना का हवाला दिया, जिसमें 7.55 प्रतिशत पंजाब 2033 बांडों के पुन: निर्गमन के माध्यम से 1,000 करोड़ रुपये की पूंजी जुटाने की घोषणा की गई थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि भले ही वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा अक्सर जीएसटी, वैट और उत्पाद शुल्क संग्रहण में बढ़ोतरी का ज़िक्र करते हैं, लेकिन सरकार का बार-बार बाजार से कर्ज लेना वित्तीय दबाव का संकेत देता है।
ढिल्लों के अनुसार, आप सरकार ने 2022-23 में लगभग 24,000 करोड़ रुपये, 2023-24 में लगभग 28,000 करोड़ रुपये और 2024-25 में 34,201 करोड़ रुपये का कर्ज लिया।
उन्होंने दावा किया कि वित्त वर्ष 2025-26 में जनवरी तक, सरकार ने 49,900 करोड़ रुपये की योजनाबद्ध उधारी के मुकाबले पहले ही 20,770 करोड़ रुपये से ज़्यादा उधार ले लिया था तथा अब इसमें 1,000 करोड़ रुपये का और ऋण जोड़ लिया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब का बकाया कर्ज 2022 के लगभग 2.82 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर करीब 4.17 लाख करोड़ रुपये हो गया है और 2026-27 तक यह लगभग 4.48 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।
सरकार के वित्तीय दावों पर सवाल उठाते हुए ढिल्लों ने पूछा कि अगर पिछले चार सालों में राज्य का राजस्व लगातार बढ़ा है, तो फिर नया कर्ज क्यों लिया जा रहा है।
उन्होंने सरकार पर राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के बजाय आने वाली पीढ़ियों पर कर्ज का बोझ डालने का आरोप लगाया।
ढिल्लों ने मांग की कि मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री राज्य की वास्तविक वित्तीय स्थिति जनता के सामने प्रस्तुत करें और बार-बार कर्ज लेने के बजाय कर्ज कम करने के लिए एक विश्वसनीय कार्ययोजना पेश करें।
भाषा राजकुमार संतोष
संतोष