जम्मू, छह जनवरी (भाषा) जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को राज्य के सामने मौजूद प्रमुख चुनौतियों को रेखांकित किया। इनमें राज्य का दर्जा बहाल किए जाने की मांग, 2 फरवरी से शुरू होने वाला विधानसभा का आगामी बजट सत्र और पर्यटन सीजन शामिल हैं।
उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता कि इस साल क्या होने वाला है। नए साल की शुरुआत हुए अभी सिर्फ छह दिन ही हुए हैं। कौन जानता है कि इस साल हमें किन चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा?”
अब्दुल्ला ने यहां एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से कहा, ‘‘पिछले साल, किसी को भी पहलगाम जैसे हमले की उम्मीद नहीं थी, न ही ऑपरेशन सिंदूर जैसी स्थिति की, और न ही अगस्त-सितंबर में भारी बारिश की, जिससे हम अब भी जूझ रहे हैं।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि हालांकि, सरकार हर चीज के लिए तैयारी कर रही है, लेकिन उन्हें नहीं पता कि भविष्य में क्या होने वाला है।
उन्होंने कहा, ‘‘हम उन मुख्य चुनौतियों के लिए तैयारी कर रहे हैं, जिनका आपने स्वयं उल्लेख किया है, जिनमें जम्मू कश्मीर का फिर से राज्य बनना शामिल है। यह हमारे लिए एक चुनौती है।’’
अब्दुल्ला ने कहा, “बजट सत्र 2 फरवरी से शुरू होगा। हमें बजट तैयार करके सदन के सामने पेश करना है। हमें इसे सदन से अनुमोदित करवाना होगा। यह एक और चुनौती है।”
उन्होंने कहा, “हमारा पर्यटन सीजन मार्च-अप्रैल से शुरू होगा। हमें उम्मीद है कि यह सीजन सफल रहेगा। यह एक चुनौती है।”
भाषा नेत्रपाल पवनेश
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