सहारा समूह के जमाकर्ताओं को फरवरी तक लगभग 8,800 करोड़ रुपये वितरित किए गए : शाह

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सहारा समूह के जमाकर्ताओं को फरवरी तक लगभग 8,800 करोड़ रुपये वितरित किए गए : शाह

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  • Publish Date - March 17, 2026 / 09:18 PM IST,
    Updated On - March 17, 2026 / 09:18 PM IST

नयी दिल्ली, 17 मार्च (भाषा) सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को संसद को बताया कि पिछले महीने तक ‘सहारा ग्रुप ऑफ कोऑपरेटिव सोसाइटीज’ के 40 लाख से अधिक जमाकर्ताओं को 8,800 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं।

शाह ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि फरवरी 2026 तक, ‘सीआरसीएस-सहारा रिफंड पोर्टल’ पर निवेशकों द्वारा 1.45 करोड़ आवेदन और 4.06 करोड़ दावे किए गए हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘सहारा सहकारी समितियों के समूह के 40,33,448 निवेशकों को 8,783.55 करोड़ रुपये की राशि वितरित की जा चुकी है।’’

उच्चतम न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में ‘रिफंड’ प्रक्रिया चलाई जा रही है।

शाह ने कहा, ‘‘भुगतान सीधे वास्तविक जमाकर्ताओं के आधार से जुड़े बैंक खाते में किया जाता है।’’

वर्तमान में, आधार से जुड़े बैंक खाते के माध्यम से सत्यापित दावों के आधार पर ‘सहारा ग्रुप ऑफ कोऑपरेटिव सोसाइटीज’ के प्रत्येक वास्तविक जमाकर्ता को 50,000 रुपये तक का भुगतान किया जा रहा है।

जमाकर्ताओं को आवेदन में, किसी भी प्रकार की कमी होने पर अपना आवेदन पुनः जमा करने के लिए कहा गया है।

न्यायालय ने आदेश दिया है कि ‘सहारा-सेबी रिफंड खाते’ से सहकारी समितियों के केंद्रीय रजिस्ट्रार को 5,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि हस्तांतरित की जाए और जमाकर्ताओं को रिफंड के वितरण के लिए 31 दिसंबर 2026 तक का समय दिया गया है।

सहकारिता मंत्री ने एक अन्य प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि सहकारी समितियों द्वारा संचालित ‘भारत टैक्सी’ के 1 मार्च तक 21.34 लाख पंजीकृत उपयोगकर्ता और 2.31 लाख ड्राइवर हैं।

आठ राष्ट्रीय सहकारी संस्थाओं द्वारा स्थापित भारत टैक्सी की आधिकारिक शुरूआत 5 फरवरी को की गयी थी।

शाह ने कहा, ‘‘एक मार्च 2026 तक भारत टैक्सी के 21.34 लाख पंजीकृत उपयोगकर्ता और 2.31 लाख पंजीकृत सारथी (ड्राइवर) हैं।’’

फिलहाल, भारत टैक्सी सेवा दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा, फरीदाबाद, गाजियाबाद (दिल्ली-एनसीआर) और अहमदाबाद, राजकोट, सोमनाथ और द्वारका (गुजरात) में उपलब्ध है।

शाह ने कहा कि भारत टैक्सी का लक्ष्य अगले तीन वर्षों में चरणबद्ध तरीके से छोटे शहरों में अपनी सेवा का विस्तार करना है और देश भर में तहसील स्तर तक सेवाएं प्रदान करना है।

मंत्री ने कहा कि भारत टैक्सी प्लेटफॉर्म ‘जीरो-कमीशन’ मॉडल पर काम करता है, जिसमें मुनाफे का सीधा वितरण चालकों को किया जाता है।

भाषा सुभाष अविनाश

अविनाश