एबीवीपी ने स्थापना दिवस पर रक्तदान और पौधारोपण किया

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एबीवीपी ने स्थापना दिवस पर रक्तदान और पौधारोपण किया

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  • Publish Date - July 9, 2026 / 05:21 PM IST,
    Updated On - July 9, 2026 / 05:21 PM IST

नयी दिल्ली, नौ जुलाई (भाषा) अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने बृहस्पतिवार को देशभर में संगोष्ठी, रक्तदान शिविर, वृक्षारोपण अभियान, स्वच्छता अभियान और अन्य कार्यक्रम आयोजित करके ‘राष्ट्रीय छात्र दिवस’ और अपना 78वां स्थापना दिवस मनाया।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के छात्र संगठन ‘अभाविप’ की ओर से जारी बयान के अनुसार, स्थापना दिवस समारोह के तहत युवा संवाद, परामर्श सत्र, निबंध और वाद-विवाद प्रतियोगिताएं, सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा बौद्धिक चर्चाएं भी आयोजित की गईं।

बयान में कहा गया, ‘‘स्थापना दिवस के अवसर पर संगोष्ठी, युवा संवाद, सामुदायिक सेवा कार्यक्रम, रक्तदान शिविर, पौधारोपण अभियान, स्वच्छता अभियान, परामर्श सत्र, निबंध और वाद-विवाद प्रतियोगिताएं, सांस्कृतिक कार्यक्रम, बौद्धिक चर्चाएं तथा स्वामी विवेकानंद के स्मारकों पर पुष्पांजलि और स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित किए गए।’’

ये कार्यक्रम दिल्ली विश्वविद्यालय, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, इलाहाबाद विश्वविद्यालय, पंजाब विश्वविद्यालय, हैदराबाद विश्वविद्यालय समेत देश के कई अन्य शिक्षण संस्थानों में आयोजित किए गए।

बयान में कहा गया, ‘‘इन पहलों के माध्यम से लाखों छात्रों ने राष्ट्र निर्माण और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।’’

बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में आयोजित ‘वसुंधरा’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए परिषद के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा, ‘‘अठहत्तर वर्षों की अपनी यात्रा के दौरान अभाविप ने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को हमेशा राष्ट्र निर्माण के व्यापक उद्देश्य से जोड़ा है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘आज दुनिया के सबसे बड़े छात्र संगठन के रूप में हम सेवा, संगठन और ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना को प्रत्येक छात्र तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’’

सोलंकी ने कहा, ‘‘राष्ट्रीय छात्र दिवस के अवसर पर मैं देशभर के सभी विद्यार्थियों को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं और उनसे आह्वान करता हूं कि वे ज्ञान, चरित्र, सामाजिक जिम्मेदारी और देशभक्ति के मूल्यों को अपनाते हुए ‘विकसित भारत 2047’ के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं। विद्यार्थी केवल नागरिक नहीं हैं, बल्कि राष्ट्र निर्माता भी हैं।’’

भाषा तान्या सुरेश

सुरेश