अलप्पुझा, नौ जुलाई (भाषा) उज्बेकिस्तान में पिछले हफ्ते केरल की 22 वर्षीय मेडिकल छात्रा की मौत के सिलसिले में उसके सहपाठी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। अलप्पुझा पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
हरिपद पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया कि छात्रा के परिवार की शिकायत के आधार पर बुधवार को उसके सहपाठी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया।
कायमकुलम के पुलिस उपाधीक्षक बिनुकुमार टी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि मृतक छात्रा के माता-पिता की ओर से जिला पुलिस प्रमुख को दी गई शिकायत के आधार पर हरिपद थाने में हत्या का मामला दर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि छात्रा के शव का अलप्पुझा मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम किया गया।
बिनुकुमार ने कहा कि अगर उज्बेकिस्तान के अधिकारियों की जांच के बाद आरोपी पर वहां मुकदमा चलाया जाता है, तो हरिपद थाने में दर्ज मामला बंद कर दिया जाएगा।
उन्होंने कहा, ‘‘भले ही अपराध उज्बेकिस्तान में हुआ हो, लेकिन यहां भी मामला दर्ज करने का प्रावधान है। अगर वहां की पुलिस आरोपी पर मुकदमा चलाती है, तो हम यह मामला बंद कर देंगे। अगर वहां कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होती है, तो हम इस मामले को आगे बढ़ाएंगे।’’
बिनुकुमार ने कहा कि केरल पुलिस जांच में हुई प्रगति का पता लगाने के लिए भारतीय दूतावास के जरिये उज्बेकिस्तान के अधिकारियों से संपर्क करेगी।
उन्होंने कहा, ‘‘ऐसी खबरें हैं कि आरोपी को वहां गिरफ्तार कर लिया गया है। हम विदेश मंत्रालय के जरिये मामले की जानकारी और उज्बेकिस्तान में अधिकारियों की ओर से की जा रही कार्रवाई का विवरण हासिल करेंगे।’’
बिनुकुमार ने कहा कि छात्रा के माता-पिता मांग कर रहे हैं कि केरल में जांच हो और आरोपी को उज्बेकिस्तान से प्रत्यर्पित किया जाए।
उन्होंने कहा, ‘‘हम ऐसे किसी प्रावधान का पता लगाने के लिए कानूनी सलाह लेंगे और विदेश मंत्रालय से बातचीत करेंगे।’’
इस मामले में आरोपी पीड़िता का सहपाठी है, जो मलप्पुरम का रहने वाला है।
आरोप है कि उसने तीखी बहस के दौरान पीड़िता के सिर पर वार किया, जिससे उसकी मौत हो गई।
हालांकि, बृहस्पतिवार को पीड़िता के परिवार ने संवाददाताओं से कहा कि उसके पूरे शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे।
पीड़िता का शव लाने के लिए उज्बेकिस्तान गए एक परिजन के मुताबिक, वहां के जांचकर्ताओं ने बताया कि मौत से पहले उसे प्रताड़ित किया गया था और बेरहमी से पीटा गया था।
परिजन ने कहा, ‘‘छात्रा की मौत इस वजह से नहीं हुई कि उसके सिर पर लैपटॉप से वार किया गया था।’’
परिजन ने दावा किया कि जांचकर्ताओं ने उन्हें बताया कि कई छात्रों ने आरोपी को पीड़िता को धर्म बदलने के लिए मजबूर करते हुए देखा था।
उन्होंने कहा, ‘‘आरोपी ने छात्रा की हत्या करने से पहले उसके साथ बेरहमी से मारपीट की थी। इसलिए, हमने यहां पोस्टमार्टम की मांग की और हमने शिकायत भी दर्ज कराई है, ताकि अगर उज्बेकिस्तान में पुलिस उसे छोड़ देती है, तो वह भाग न सके।’’
परिजन ने बताया कि आरोपी के माता-पिता सरकारी कर्मचारी हैं और उसका भाई पेशे से चिकित्सक है।
उन्होंने बताया कि आरोपी और पीड़िता एक ही छात्रावास में रहते थे।
भाषा पारुल मनीषा
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