अभाविप परीक्षा एवं भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमतिताओं के विरूद्ध लोकतांत्रिक प्रदर्शन करती रहेगी

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अभाविप परीक्षा एवं भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमतिताओं के विरूद्ध लोकतांत्रिक प्रदर्शन करती रहेगी

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  • Publish Date - August 6, 2026 / 03:34 PM IST,
    Updated On - August 6, 2026 / 03:34 PM IST

नयी दिल्ली, छह अगस्त (भाषा) अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी, प्रश्नपत्र लीक और भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताओं के खिलाफ अपना देशव्यापी आंदोलन जारी रखेगी क्योंकि विद्यार्थी एक पारदर्शी, निष्पक्ष और जवाबदेह परीक्षा प्रणाली के हकदार हैं।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के आनुषांगिक संगठन अभाविप ने एक बयान में कहा है कि वह पंजाब, झारखंड, कर्नाटक और बिहार में ‘लोकतांत्रिक विरोध-प्रदर्शनों’ के जरिए परीक्षा सुधारों एवं भर्ती में गड़बड़ियों से जुड़े मुद्दे उठाता रहा है।

अभाविप का कहना है कि प्रश्नपत्र लीक और कथित अनियमितताओं की बार-बार हो रही घटनाओं को देखते हुए, संस्थागत सुधारों और परीक्षा एजेंसियों की ज़्यादा जवाबदेही की मांग ज़रूरी हो गई है।

पंजाब के एक हालिया विरोध प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए अभाविप ने आरोप लगाया कि परीक्षा और भर्ती से जुड़े मुद्दों पर विधानसभा घेराव के दौरान शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और पानी का बौछार किया।

परिषद ने दावा किया कि कई कार्यकर्ताओं को गंभीर चोटें आईं, जिनमें हड्डी टूटना और कान का पर्दा फटना जैसी चोटें शामिल हैं।

उसने पुलिस कार्रवाई को ‘दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय’ करार देते हुए आरोप लगाया कि इससे पंजाब सरकार की प्रशासनिक असंवेदनशीलता का पता चलता है।

अभाविप ने कहा कि कर्नाटक में उसने केपीएससी भर्ती विवाद की सीबीआई जांच, भर्ती से जुड़ी अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और खाली पड़े अध्यापक पदों पर जल्द नियुक्ति की मांग की है।

बिहार में परिषद ने पटना विश्वविद्यालय विधि प्रवेश परीक्षा 2026 में कथित तौर पर प्रश्न पत्र लीक होने की घटना की उच्च-स्तरीय और समय-सीमा के भीतर जांच की मांग की है।

झारखंड में उसने जेपीएससी और जेपीएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के लिए ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ सख्त कार्रवाई तथा परीक्षा एवं भर्ती प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग की है।

अभाविप ने कहा कि वह कई अन्य राज्यों में भी विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दों पर काम कर रहा है।

तेलंगाना में, उसने रुकी हुई शुल्क प्रतिपूर्ति और छात्रवृति की बकाया राशि जारी करने की मांग की है, जबकि हिमाचल प्रदेश में वह हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में हाल में बढ़ाई गई फीस का विरोध कर रहा है।

अभाविप महासचिव डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि अलग-अलग राज्यों में उठाए जा रहे मुद्दे देश भर के लाखों विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े हैं।

भाषा

राजकुमार रंजन

रंजन