फर्जी एफएमजीई प्रमाण पत्रों से ‘डॉक्टर’ बनने वालों पर कार्रवाई, आरएमसी रजिस्ट्रार समेत 18 गिरफ्तार

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फर्जी एफएमजीई प्रमाण पत्रों से ‘डॉक्टर’ बनने वालों पर कार्रवाई, आरएमसी रजिस्ट्रार समेत 18 गिरफ्तार

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  • Publish Date - March 25, 2026 / 07:54 PM IST,
    Updated On - March 25, 2026 / 07:54 PM IST

जयपुर, 25 मार्च(भाषा) राजस्थान विशेष अभियान समूह(एसओजी) ने कूटरचित ‘फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट्स एग्जामिनेशन’ (एफएमजीई) प्रमाण पत्रों के जरिए चिकित्सक बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करके कुल 18 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

पुलिस ने बताया कि इनमें विदेशों से डिग्री लेकर चिकित्सक बने 15 आरोपी भी शामिल हैं जबकि एक दलाल है।

पुलिस के अनुसार अधिकांश मामलों में एक फर्जी प्रमाण पत्र जारी करने के बदले में प्रत्येक अभ्यर्थी से 20 से 25 लाख रुपए लिए जाते थे।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया कि फर्जी एफएमजीई प्रमाण पत्रों की शिकायत मिलने के बाद मामला दर्ज करके जांच शुरु की गई थी।

उन्होंने बताया कि जांच के दौरान करौली में ‘इंटर्नशिप’ कर रहे आरोपी पीयूष त्रिवेदी को गिरफ्तार किया गया, जिसने पूछताछ के दौरान पूरे नेटवर्क का खुलासा किया।

बंसल ने बताया कि पूछताछ में सामने आया कि पीयूष को फर्जी प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने में देवेंद्र, शुभम और भानाराम की भूमिका रही, जिसके बाद उन्हें भी गिरफ्तार किया गया।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ने बताया कि जांच में सामने आया कि फर्जी एफएमजीई प्रमाण पत्रों के आधार पर राजस्थान मेडिकल काउंसिल (आरएमसी) से ‘इंटर्नशिप’ कराने और रजिस्ट्रेशन नंबर दिलाने वाला एक संगठित गिरोह सक्रिय था।

उन्होंने कहा कि मामले में आरएमसी के तत्कालीन रजिस्ट्रार और कर्मचारियों की मिलीभगत उजागर होने के बाद प्राथमिकी दर्ज की गई।

बंसल ने बताया कि अब तक की जांच में 90 से अधिक ऐसे चिकित्सकों के बारे में पता चला है, जिन्होंने फर्जी दस्तावेज के जरिए रजिस्ट्रेशन हासिल किया।

उन्होंने कहा कि आरएमसी के अधिकारी प्रति प्रमाण पत्र के 10 से 12 लाख रुपये लेते थे, इसके अलावा फर्जी प्रमाण पत्र तैयार करने वाले दो लाख रुपए लेते और शेष राशि दलाल आपस में बांट लेते थे।

पुलिस उप महानिरीक्षक परिस देशमुख ने बताया कि उदयपुर से पकड़ा गया आरोपी डॉ. यश पुरोहित एक निजी अस्पताल में फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर चिकित्सक के रूप में कार्य कर रहा था।

पुलिस उप महानिरीक्षक परीस देशमुख और एसपी कुंदन कांवरिया के नेतृत्व में एसओजी की सात टीमों और सात जिलों की 14 पुलिस टीमों ने समन्वय के साथ जयपुर, दिल्ली, उदयपुर, जोधपुर, सीकर, झुंझुनूं, धौलपुर, कोटपूतली, अलवर, करौली में एक साथ दबिश दी। इस दौरान 18 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। सभी आरोपियों को जयपुर एसओजी मुख्यालय लाया गया।

पुलिस उप महानिरीक्षक ने बताया कि गिरफ्तार व्यक्तियों में आरएमसी के तत्कालीन रजिस्ट्रार राजेश शर्मा, एमआरसी के तत्कालीन नोडल अधिकारी अखिलेश माथुर भी शामिल हैं।

भाषा बाकोलिया

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