All-Party Meeting Update: ‘हम पाकिस्तान की तरह दलाल राष्ट्र नहीं’.. ईरान-US के बीच PAK की मध्यस्थता पर सरकार का बड़ा बयान, विपक्ष के इस आरोप का भी किया खंडन

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'हम पाकिस्तान की तरह दलाल राष्ट्र नहीं'.. ईरान-US के बीच PAK की मध्यस्थता पर सरकार का बड़ा बयान, Government statement in All-Party Meeting

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  • Publish Date - March 25, 2026 / 11:59 PM IST,
    Updated On - March 26, 2026 / 12:13 AM IST

All-Party Meeting Update:. Image Source- IBC24 Archive

नई दिल्ली: All-Party Meeting Update: मोदी सरकार ने बुधवार को सर्वदलीय बैठक में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत में इस बात पर जोर दिया कि पश्चिम एशिया में युद्ध जल्द खत्म होना चाहिए क्योंकि इससे सभी को नुकसान हो रहा है। सूत्रों का कहना है कि सरकार ने पश्चिम एशिया संघर्ष में कथित मध्यस्थता के संदर्भ में पाकिस्तान को ‘‘दलाल’’ राष्ट्र करार दिया।

सूत्रों के अनुसार, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बैठक में कहा कि इस मामले में पाकिस्तान के मध्यस्थता प्रयासों में कुछ भी नया नहीं है क्योंकि उस देश का 1981 से अमेरिका द्वारा ‘‘इस्तेमाल’’ किया जा रहा है। यह जानकारी मिली है कि जयशंकर ने पश्चिम एशिया संकट पर चर्चा के लिए संसद परिसर में बुलाई गई बैठक में उपस्थित नेताओं से कहा, ‘‘हम दलाल राष्ट्र नहीं हैं।’’ सूत्रों के अनुसार, सरकार ने विपक्ष के इस आरोप का खंडन किया कि भारत सरकार इस मामले पर चुप है और कहा कि ‘‘हम टिप्पणी कर रहे हैं और जवाब दे रहे हैं।’’ सरकार का पक्ष था कि जब ईरान दूतावास खोला गया, तो विदेश सचिव ने तुरंत वहां दौरा किया और शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए। विपक्ष का आरोप है कि सरकार ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने पर जल्द शोक व्यक्त न करके नैतिक कमजोरी दिखाई है।

बताया जाता है कि सरकार ने राजनीतिक दलों को यह भी सूचित किया है कि उसकी मुख्य चिंता खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और घरेलू ऊर्जा जरूरतों को पूरा करना है। उस संबंध में सरकार ने कहा कि वह अब तक सफल रही है। पश्चिम एशिया संकट पर सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक के बाद विपक्ष ने कहा कि इस मामले से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सरकार का जवाब संतोषजनक नहीं था।

उन्होंने यह मांग फिर दोहराई कि लोकसभा में नियम 193 और राज्यसभा में नियम 176 के तहत पश्चिम एशिया संकट को लेकर चर्चा होनी चाहिए। संसद भवन परिसर में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में सरकार की तरफ से गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू शामिल हुए। विपक्ष की तरफ से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तारिक अनवर एवं मुकुल वासनिक, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शप) की नेता सुप्रिया सुले, समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव, राजद के अभय सिन्हा, एएआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और कई अन्य नेता शामिल हुए। तृणमूल कांग्रेस इस बैठक में शामिल नहीं हुई। सर्वदलीय बैठक के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तारिक अनवर ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘सरकार की ओर से स्पष्टीकरण देने की कोशिश हुई जो संतोषजनक नहीं है। हम लोगों की मांग है कि लोकसभा और राज्यसभा में चर्चा होनी चाहिए, उसके बाद लोगों को संतुष्टि होगी।’’ उनका कहना था कि बहुत सारे मुद्दे थे, जिन पर सरकार का जवाब संतोषजनक नहीं था। उन्होंने यह भी कहा, ‘‘पाकिस्तान जो हमसे हर तरह से कमजोर है, वो मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है और हम मूकदर्शक बने हुए हैं।’’ समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि लोकसभा में नियम 193 और राज्यसभा में नियम 176 के तहत चर्चा जरूरी है।

विपक्ष की ओर से किया गया ये दावा

उन्होंने दावा किया कि विपक्ष की ओर से किए गए बहुत सारे सवालों का जवाब संतोषजनक नहीं था। सूत्रों ने कहा कि सरकार ने राजनीतिक दलों को बताया कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि भारत के पास पर्याप्त भंडार है और भारत में कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति हो रही है। सरकार ने बैठक में कहा, ‘हमने पहले ही अग्रिम ऑर्डर दे दिया है। तेल और गैस के स्रोतों का विविधीकरण किया गया है और अब हम 41 देशों से खरीद कर रहे हैं।’ बैठक में बताया गया कि यह एक कूटनीतिक सफलता है कि पेट्रोलियम उत्पाद लेकर भारत आने वाले चार जहाज पहले ही होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर चुके हैं, जबकि पांच और के जल्द ही पार करने की उम्मीद है। भारत आने वाले 18 जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास फंसे हुए हैं। अमेरिकी हमले में ईरानी जहाज के डूबने पर सरकार ने कहा कि अगर यह भारतीय जलक्षेत्र में होता तो बच जाता लेकिन दुर्भाग्य से जहाज श्रीलंकाई जलक्षेत्र के पास था। सरकार ने बैठक में कहा, ‘ईरान की ओर से कृतज्ञता की भावना है क्योंकि हमने अन्य जहाजों और नाविकों की रक्षा की है।’

हम सभी के साथ अच्छे दोस्त हैं- सरकार

इसमें कहा गया, ‘हम सभी के साथ अच्छे दोस्त हैं, अमेरिका हमारा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, इज़राइल हमारा सबसे बड़ा तकनीकी साझेदार है और ईरान के साथ भी हमारे अच्छे संबंध हैं।’ बैठक मेंप्रारंभिक टिप्पणी रक्षा मंत्री सिंह ने की तथा बैठक के दौरान जयशंकर और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी अपनी बात रखी। प्रश्न उत्तर सत्र के दौरान, ज्यादातर जयशंकर ही थे जिन्होंने विपक्ष के सवालों और चिंताओं का जवाब दिया। कुछ मौकों पर गृह मंत्री शाह ने भी हस्तक्षेप किया।संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने बैठक के बाद कहा कि विपक्ष को पश्चिम एशिया संकट के विषय पर पर्याप्त जानकारी दी गई और विपक्षी नेताओं ने भी विश्वास दिलाया कि संकट की इस घड़ी में वो सरकार द्वारा उठाए जाने वाले कदमों का समर्थन करेंगे।रीजीजू ने कहा कि आज की बैठक में विस्तृत जानकारी दिए जाने के बाद फिलहाल विपक्ष को और जानकारी मांगने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

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