Naxal Surrender News/Image Credit: IBC24.in
रायपुर: Naxal Surrender News: बस्तर के दंडकारण्य में दशकों से एक्टिव दुर्दांत नक्सल लीडर पापाराव ने 17 नक्सलियों के साथ सरेंडर कर दिया। इसी के साथ अब छत्तीसगढ़ में कोई और बड़ा नक्सल लीडर एक्टिव नहीं रहा, लेकिन विपक्ष बार-बार सवाल पूछ रहा है कि 31 मार्च के बाद आगे क्या? जवाब दिया छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री ने, (Naxal Surrender News) दो टूक कहा 31 मार्च की रात हैप्पी न्यू ईयर नहीं है। 2 साल में 8000 नक्सलियो के संगठन को खत्म किया गया, साढ़े 500 से ज्यादा नक्सली मारे गए हैं तब भी कांग्रेस सवाल खड़ा कर रही है।
प्रदेश के डिप्टी CM विजय शर्मा के बयान पर पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने मोर्चा संभालते हुए नसीहत दी है कि, (Naxal Surrender News) सरकार को खामी सुनकर उस पर काम करना चाहिए, तंज कसा कि कांग्रेस के भरोसे पूरा देश चल रहा है। डहरिया ने ये भी कहा कि नक्सलवाद खत्म होने का थोड़ा सा श्रेय तो कांग्रेस को भी मिलना चाहिए।
Naxal Surrender News: तो कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे डॉ डहरिया खुद कह रहे हैं कि नक्सलवाद के खात्मे का कुछ क्रेडित को कांग्रेस को भी जाता है। (Naxal Surrender News) सवाल है क्या कांग्रेस की सबसे बड़ी दुविधा यही है कि नक्सलवाद जैसे दशकों पुराने नासूर के खात्मे का पूरा क्रेडिट बीजेपी सरकार को जाता दिख रहा है? क्या विपक्ष की सारी शंकाएं और सवाल इसी क्रेडिट की कसक है?
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