पशुओं का ‘बधिया करने’ जैसे कार्य मानवीय तरीके से किए जाते हैं : आप सरकार ने उच्च न्यायालय को बताया

पशुओं का ‘बधिया करने’ जैसे कार्य मानवीय तरीके से किए जाते हैं : आप सरकार ने उच्च न्यायालय को बताया

पशुओं का ‘बधिया करने’ जैसे कार्य मानवीय तरीके से किए जाते हैं : आप सरकार ने उच्च न्यायालय को बताया
Modified Date: November 29, 2022 / 07:55 pm IST
Published Date: September 15, 2020 5:15 pm IST

नयी दिल्ली, 15 सितंबर (भाषा) आप सरकार ने दिल्ली उच्च न्यायालय को बताया कि पशुओं का ‘बधिया करने’, ‘सुखमृत्यु देने’ और उनके ‘सींग निकालने’ जैसे कार्य वैज्ञानिक विधियों के माध्यम से मानवीय तरीके से किए जाते हैं।

यह अभिवेदन अदालत में दायर हलफनामे में किया गया है।

हलफनामा पीपुल्स फॉर एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ (पेटा) की जनहित याचिका के जवाब में दायर किया गया जिसमें देश में ‘‘पशुपालन के अमानवीय तरीकों पर रोक लगाने’’ का आग्रह किया गया है।

दिल्ली सरकार ने अपने हलफनामे में कहा है, ‘‘बधियाकरण, सुखमृत्यु आदि में क्रूर तरीकों का सवाल ही नहीं है क्योंकि सरकारी अस्पतालों में लाए जाने वाले पशुओं का उपचार सरकारी पशु रोग विशेषज्ञ अधिकारियों की निगरानी में किया जा रहा है।’’

भाषा नेत्रपाल दिलीप

दिलीप


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