फर्जी पीएचडी प्रमाणपत्र जमा करने वाले 249 अतिथि व्याख्याताओं के खिलाफ मामले दर्ज करने के निर्देश

फर्जी पीएचडी प्रमाणपत्र जमा करने वाले 249 अतिथि व्याख्याताओं के खिलाफ मामले दर्ज करने के निर्देश

फर्जी पीएचडी प्रमाणपत्र जमा करने वाले 249 अतिथि व्याख्याताओं के खिलाफ मामले दर्ज करने के निर्देश
Modified Date: July 24, 2026 / 01:00 pm IST
Published Date: July 24, 2026 1:00 pm IST

बेंगलुरु, 24 जुलाई (भाषा) कर्नाटक कॉलेज शिक्षा विभाग ने वर्ष 2025-26 की भर्ती प्रक्रिया के दौरान कथित तौर पर फर्जी या अमान्य पीएचडी प्रमाण पत्र जमा करके सरकारी कॉलेजों में अतिथि व्याख्याताओं के रूप में नियुक्ति पाने वाले 249 लोगों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज करने का आदेश दिया है।

विभाग ने इन सभी 249 अभ्यर्थियों को भविष्य की चयन प्रक्रियाओं में भाग लेने से रोकते हुए स्थायी रूप से काली सूची में डाल दिया है।

इस सप्ताह के प्रारंभ में जारी आदेश में कहा गया, ‘‘विभागीय ईएमआईएस (शिक्षा प्रबंधन सूचना प्रणाली) पोर्टल पर संबंधित कॉलेजों के प्राचार्यों द्वारा दर्ज की गई जानकारी और मुख्यालय स्तर पर गठित विभागीय जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर, शैक्षणिक वर्ष 2025-26 के दौरान कार्य करने वाले और फर्जी या अमान्य पीएचडी प्रमाण पत्र जमा करने वाले अतिथि व्याख्याताओं की सूचियां तैयार की गई हैं। इन अतिथि व्याख्याताओं को भविष्य के सभी शैक्षणिक वर्षों के लिए चयन प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया है।’’

आदेश में कहा गया, ‘‘चूंकि सूचीबद्ध अतिथि व्याख्याताओं ने कथित तौर पर फर्जी/अमान्य पीएचडी प्रमाण पत्र जमा किए और झूठी जानकारी/दस्तावेज प्रस्तुत करके सरकार को धोखा देने का प्रयास किया, इसलिए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत संबंधित थानों में उनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज करने, एक सप्ताह के भीतर इस कार्यालय को रिपोर्ट प्रस्तुत करने और विभागीय ईएमआईएस पोर्टल पर प्रासंगिक जानकारी अपलोड करने के निर्देश जारी किए गए हैं।’’

राज्य सरकार ने प्रथम श्रेणी के सरकारी कॉलेज में आवश्यकताओं और आवेदकों द्वारा प्रस्तुत जानकारी के आधार पर ऑनलाइन परामर्श प्रक्रिया के माध्यम से शैक्षणिक वर्ष 2025-26 के लिए लगभग 10,000 अतिथि शिक्षकों की भर्ती की थी।

विभाग ने कहा कि कॉलेज और मुख्यालय दोनों स्तरों पर वरिष्ठ अधिकारियों की अध्यक्षता वाली समितियों ने अतिथि व्याख्याताओं की शैक्षणिक योग्यताओं की जांच की और पाया कि 249 उम्मीदवारों ने फर्जी या अमान्य पीएचडी प्रमाण पत्र जमा किए थे।

भाषा

खारी माधव

माधव


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