बेंगलुरु, 21 अगस्त (भाषा) एशियाई विकास बैंक (एडीबी) और कर्नाटक सरकार ने शुक्रवार को एक समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत एडीबी राज्य भर के 500 सरकारी स्कूलों को कर्नाटक पब्लिक स्कूल (केपीएस) के रूप में विकसित करने के लिए 1,750 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान करेगा।
इस समझौते पर मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार और स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता मंत्री मधु बंगारप्पा की मौजूदगी में विधान सौध में हस्ताक्षर किए गए।
इस परियोजना के तहत, राज्य सरकार 500 कर्नाटक पब्लिक स्कूलों (केपीएस) के विकास के लिए अगले चार वर्षों में (2029-30 तक) 2,500 करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना बना रही है।
कुल 2,500 करोड़ रुपये में से एशियाई विकास बैंक (एडीबी) 1,750 करोड़ रुपये देगा, जबकि राज्य सरकार 750 करोड़ रुपये का योगदान देगी।
केपीएस संस्थानों के रूप में उच्चीकृत करने के लिए ऐसे स्कूलों का चयन किया जा रहा है जिनमें अधिक संख्या में छात्रों को आकर्षित करने की क्षमता है। इसका उद्देश्य प्रत्येक स्कूल को कम से कम 1,200 छात्रों की जरूरतों को पूरा करने के योग्य बनाना है।
केपीएस सरकार द्वारा संचालित मॉडल स्कूल हैं, जो एक ही छत के नीचे पूर्व-प्राथमिक से लेकर 12वीं तक अंग्रेजी और कन्नड़ दोनों माध्यमों में शिक्षा प्रदान करते हैं।
बंगारप्पा ने कहा कि एडीबी की सहायता से इन सभी 500 स्कूलों का समग्र विकास करने में मदद मिलेगी।
मंत्री के कार्यालय से जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, उन्होंने कहा, ‘अगले चार वर्षों में यानी 2029-30 तक राज्य सरकार 500 कर्नाटक पब्लिक स्कूलों को विकसित करने के लिए 2,500 करोड़ रुपये खर्च करेगी। एडीबी 1,750 करोड़ रुपये की सहायता देगा, जबकि शेष 750 करोड़ रुपये राज्य सरकार उपलब्ध कराएगी।’
भाषा सुमित संतोष
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