Amir Khan Muttaqi PC: प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिला पत्रकारों की ‘नो एंट्री’ को लेकर घिरे अफगान मंत्री मुतक्की, बढ़ा विवाद तो दी सफाई, अधिकारों को लेकर भी कही ये बात

प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिला पत्रकारों की 'नो एंट्री' को लेकर घिरे अफगान मंत्री मुतक्की, Afghan Minister Muttaqi surrounded by 'no entry' for women journalists in press conference

Amir Khan Muttaqi PC: प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिला पत्रकारों की ‘नो एंट्री’ को लेकर घिरे अफगान मंत्री मुतक्की, बढ़ा विवाद तो दी सफाई, अधिकारों को लेकर भी कही ये बात
Modified Date: October 11, 2025 / 11:49 pm IST
Published Date: October 11, 2025 7:47 pm IST

नई दिल्लीः Amir Khan Muttaqi PC: अफगानिस्तान के विदेश मंत्री अमीर खान मुतक्की की नई दिल्ली में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर भारत में सियासी हलचल तेज हो गई है। दरअसल, इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिला पत्रकारों को आमंत्रित नहीं किया गया, जिसके बाद विपक्षी नेताओं ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। मुतक्की ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ‘हमने महिलाओं को मना नहीं किया था’ और उम्मीद जताई कि भारत और अफगानिस्तान के बीच रिश्ते और बेहतर होंगे।

‘हमने महिलाओं को नहीं रोका’- मुतक्की

Amir Khan Muttaqi PC: अफगान विदेश मंत्री ने कहा, ‘हम कोशिश करेंगे कि रिश्ते और बेहतर हों। आना-जाना और बढ़े, हालात सुधरें। हम एक ही इलाके के लोग हैं, एक-दूसरे की जबान बोल सकते हैं। हमने महिलाओं को मना नहीं किया था।’ मुतक्की ने कहा कि उनका भारत आने का मकसद दारुल उलूम देवबंद, भारतीय सरकार और सियासी लोगों से मिलना-जुलना है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भारत और अफगानिस्तान के बीच व्यापार और राजनीतिक रिश्ते मजबूत करने की कोशिश की जाएगी।

महिला पत्रकारों को क्यों नहीं बुलाया गया?

यह प्रेस कॉन्फ्रेंस विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ मुतक्की की बातचीत के कुछ घंटे बाद दिल्ली स्थित अफगानिस्तान दूतावास में हुई थी। भारतीय पक्ष ने महिला पत्रकारों को भी शामिल करने का सुझाव दिया था, लेकिन माना जा रहा है कि पत्रकारों की सूची तालिबान अधिकारियों ने बनाई थी। भारत सरकार ने कहा कि इस कार्यक्रम में विदेश मंत्रालय की कोई भूमिका नहीं थी।

 

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सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।