कोलकाता, नौ सितंबर (भाषा) तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कृष्णेंदु नारायण चौधरी ने बुधवार को पश्चिम बंगाल के मालदा जिले की इंग्लिश बाजार नगरपालिका के अध्यक्ष पद से ‘‘काम करने में असमर्थता’’ का हवाला देते हुए इस्तीफा दे दिया।
नगरपालिका के पांच बार अध्यक्ष रह चुके चौधरी ने कुछ महीनों में चरणबद्ध तरीके से संभावित निकाय चुनाव से पहले राजनीतिक पाला बदलने के भी संकेत दिए।
इस्तीफा देने के बाद तृणमूल नेता ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं काम नहीं कर पा रहा था।… राजनीति में रहने के कारण मुझे जेल जाना पड़ा था, लेकिन मैंने कभी परिस्थितियों से डरकर कदम पीछे नहीं खींचे।’’
इंग्लिश बाजार नगरपालिका में तृणमूल कांग्रेस को बहुमत हासिल था।
राज्य में भाजपा के सत्ता में आने के बाद हुए विधानसभा चुनाव के पश्चात चौधरी ने तृणमूल नेतृत्व के कुछ फैसलों की आलोचना की थी, लेकिन उन्होंने न तो पार्टी छोड़ी और न ही ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले उसके प्रतिद्वंद्वी खेमे में शामिल हुए।
तृणमूल सुप्रीमो और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी सहयोगी माने जाने वाले चौधरी ने हाल में कहा था कि वह ममता का सम्मान करते हैं, लेकिन आगामी चुनाव में तृणमूल उम्मीदवार के तौर पर चुनाव नहीं लड़ेंगे, भले ही ममता उनसे ऐसा करने के लिए कहें।
उनकी इस टिप्पणी के बाद अटकलें तेज हो गई हैं कि पूर्व मंत्री तृणमूल से नाता तोड़कर किसी नए राजनीतिक मंच का रुख कर सकते हैं।
अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या चौधरी निकाय चुनाव से पहले भाजपा, कांग्रेस या तृणमूल के ऋतब्रत बनर्जी खेमे में शामिल होंगे।
चौधरी ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत कांग्रेस से की थी और 1998 में ममता बनर्जी द्वारा तृणमूल कांग्रेस का गठन किए जाने के बाद वह इस पार्टी में शामिल हो गए थे।
भाषा
राखी माधव
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