केरल के लिए 2016 में ही एम्स की घोषणा की गयी थी, लेकिन राज्य ने कदम नहीं उठाये: केंद्रीय मंत्री गोपी

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केरल के लिए 2016 में ही एम्स की घोषणा की गयी थी, लेकिन राज्य ने कदम नहीं उठाये: केंद्रीय मंत्री गोपी

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  • Publish Date - February 11, 2026 / 08:03 PM IST,
    Updated On - February 11, 2026 / 08:03 PM IST

(तस्वीर के साथ)

कोल्लम (केरल), 11 फरवरी (भाषा) केंद्रीय राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने बुधवार को कहा कि 2016 के केंद्रीय बजट में केरल के लिए एक अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की घोषणा की गई थी, लेकिन राज्य सरकार ने इस पहल को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक कदम नहीं उठाए।

केंद्रीय पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस और पर्यटन राज्य मंत्री ने कहा कि केरल सरकार को एम्स की स्थापना के लिए लगभग चार प्रस्तावित स्थल उपलब्ध कराने चाहिए थे और तब उसके बाद केंद्र सरकार निर्णय लेती।

उन्होंने 2026-27 के केंद्रीय बजट के लाभों पर यहां आयोजित प्रेसवार्ता में कहा, ‘‘कश्मीर में एम्स की स्थापना इसी तरह हुई थी।’’

जब गोपी से पूछा गया कि उनके विचार से एम्स कहां स्थापित किया जाना चाहिए तो उन्होंने कहा कि 2015 से ही उनकी इच्छा रही है कि यह प्रमुख चिकित्सा सुविधा अलप्पुझा में स्थापित हो, जहां बुनियादी ढांचा और स्वास्थ्य सुविधाएं दयनीय स्थिति में हैं।

त्रिशूर के लोकसभा सदस्य गोपी ने कहा, “लेकिन, अगर अलप्पुझा में नहीं, तो इसे त्रिशूर में होना चाहिए, जो केंद्र में है, विकास संबंधी बाधाएं नहीं हैं और जहां अधिक विकास की गुंजाइश है।”

गोपी ने साथ ही कहा कि यद्यपि मैने केरल में एम्स लाने का आश्वासन दिया है, “ (लेकिन) क्या मैंने कहा था कि यह 2026 में आएगा?”

गोपी ने कहा कि अगर राज्य सरकार अभी से तैयारियां शुरू कर दे तो एम्स 2027 या 2028 में हकीकत बन सकता है।

उन्होंने यह भी पूछा कि केंद्र में कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के दौरान, जब केरल से कई मंत्री थे, तब ऐसी मांगें और सवाल क्यों नहीं उठाए गए।

प्रेसवार्ता में गोपी ने केंद्रीय बजट की प्रशंसा करते हुए कहा कि इसे इस दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ तैयार किया गया है कि 2047 में देश कैसा होना चाहिए।

भाषा

राजकुमार पवनेश

पवनेश