कोलकाता, हावड़ा में वायु गुणवत्ता ‘खराब’ रही

कोलकाता, हावड़ा में वायु गुणवत्ता ‘खराब’ रही

कोलकाता, हावड़ा में वायु गुणवत्ता ‘खराब’ रही
Modified Date: October 22, 2025 / 11:50 am IST
Published Date: October 22, 2025 11:50 am IST

कोलकाता, 22 अक्टूबर (भाषा) कोलकाता और हावड़ा शहर में बुधवार सुबह वायु गुणवत्ता ‘‘खराब’’ रही। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

पश्चिम बंगाल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (डब्ल्यूबीपीसीबी) के एक अधिकारी ने बताया कि जादवपुर स्थित वायु निगरानी स्टेशन पर सुबह नौ बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 200 (पीएम 2.5) और बल्लीगंज में 141 (पीएम 2.5) था।

सिंथी क्षेत्र में रवीन्द्र भारती विश्वविद्यालय में एक्यूआई 142 दर्ज किया गया जबकि कोलकाता के निकट स्थित न्यू टाउन में यह 165 था।

उन्होंने बताया कि सुबह नौ बजे फोर्ट विलियम में वायु गुणवत्ता सूचकांक 150 था, जबकि निकटवर्ती हरित क्षेत्र विक्टोरिया में वायु गुणवत्ता सूचकांक 242 रहा।

रवींद्र सरोवर वायु निगरानी स्टेशन पर सुबह नौ बजे एक्यूआई 128 दर्ज किया गया।

मंगलवार को जादवपुर में एक्यूआई 207 था जबकि बल्लीगंज में यह 213 था, जो सोमवार आधी रात के क्रमशः 159 और 134 से काफी अधिक है।

मंगलवार आधी रात को हावड़ा के बेलूर में वायु गुणवत्ता सूचकांक 213 था, जबकि हावड़ा के शिबपुर बॉटनिकल गार्डन क्षेत्र के कथित हरित बफर क्षेत्र में भी यह 195 था।

हावड़ा के औद्योगिक शहर घुसुरी में सुबह नौ बजे एक्यूआई 179 दर्ज किया गया।

वायु गुणवत्ता सूचकांक 151 से 200 के बीच ‘खराब’, 201 से 300 के बीच ‘बहुत खराब’ और 300 से ऊपर ‘गंभीर’ श्रेणी में रखा जाता है।

पर्यावरणविदों ने दावा किया कि सोमवार और मंगलवार को महानगर में आधी रात तक पटाखे फोड़े जाने के कारण हवा में महीन प्रदूषक कण घुल गए।

डब्ल्यूबीपीसीबी के अधिकारी ने कहा, ‘‘एक्यूआई के बिगड़ने को सीधे तौर पर पटाखे फोड़ने से नहीं जोड़ा जा सकता। एक्यूआई पिछले साल से कम है। इसके अलावा नीरी द्वारा अनुमोदित हरित पटाखों का ज्यादातर इस्तेमाल किया गया।’’

अधिकारी ने कहा, ‘‘एक्यूआई में किसी भी तरह की गिरावट के लिए मौसम को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है, क्योंकि बारिश या दक्षिणी हवाओं के अभाव में गर्म और आर्द्र परिस्थितियों के बीच प्रदूषक हवा में मौजूद रहते हैं…।’’

उन्होंने कहा कि वे परिणामों का विश्लेषण कर रहे हैं।

पर्यावरणविद् सोमेन्द्र मोहन घोष ने आरोप लगाया कि कोलकाता और हावड़ा में सोमवार और मंगलवार की शाम को आधी रात तक तेज आवाज वाले पटाखे फोड़े गए, जो पीसीबी द्वारा दी गई रात आठ बजे से 10 बजे तक की समय-सीमा से कहीं अधिक था।

भाषा गोला मनीषा

मनीषा


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