असम में बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए एजेपी ने छह महीने तक कर्ज और ईएमआई भुगतान स्थगन की मांग की

Ads

असम में बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए एजेपी ने छह महीने तक कर्ज और ईएमआई भुगतान स्थगन की मांग की

  •  
  • Publish Date - July 30, 2026 / 08:57 PM IST,
    Updated On - July 30, 2026 / 08:57 PM IST

गुवाहाटी, 30 जुलाई (भाषा) असम में विपक्षी दल असम जातीय परिषद (एजेपी) ने बृहस्पतिवार को सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक से मांग की कि वे पूर्वोत्तर राज्य में विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित लोगों के सभी प्रकार के ऋण और ईएमआई के भुगतान को तुरंत छह महीने तक स्थगित करने की घोषणा करें।

क्षेत्रीय दल ने केंद्र सरकार, असम सरकार, भारतीय रिजर्व बैंक और अन्य बैंकों व वित्तीय संस्थानों से ऊपरी असम के जिलों के लिए स्थगन याचिका पर विचार करने का अनुरोध किया।

एजेपी अध्यक्ष लुरिनज्योति गोगोई और महासचिव जगदीश भुइयां ने संयुक्त बयान में कहा कि अभूतपूर्व बाढ़ ने राज्यभर में लाखों लोगों के जीवन और आजीविका को बुरी तरह प्रभावित किया है।

उन्होंने कहा कि हजारों परिवारों ने अपने घर, कृषि भूमि, छोटे कारोबार, मवेशी और आय के साधन गंवा दिए हैं, जिससे वे गंभीर आर्थिक संकट में फंस गए हैं।

एजेपी ने कहा, “ऐसी विषम परिस्थितियों में बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए बैंक कर्ज, आवास ऋण, वाहन ऋण, व्यापार ऋण, सूक्ष्म वित्त ऋण, स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) के कर्ज और अन्य ईएमआई का भुगतान करना बेहद मुश्किल हो गया है।”

गोगोई और भुइयां ने स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि इस स्तर की आपदा के समय संवेदनशील और जनहित से जुड़े नीतिगत फैसलों की जरूरत है।

बयान में कहा गया, “एजेपी नेताओं की मांग है कि असम के बाढ़ प्रभावित इलाकों में रहने वाले सभी पात्र कर्जदारों के लिए सभी तरह के लोन और ईएमआई के भुगतान पर कम से कम छह महीने की रोक लगाई जाए।”

इस बीच, असम में बाढ़ की स्थिति बृहस्पतिवार को भी गंभीर बनी रही। हालांकि राज्य के ज्यादातर हिस्सों में पानी घटा है, लेकिन बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 78 हो गई है और तीन लाख से अधिक लोग अब भी प्रभावित हैं।

भाषा

शुभम प्रशांत

प्रशांत