अमर्त्य सेन को वर्तनी की गलती को लेकर उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं: निर्वाचन आयोग

अमर्त्य सेन को वर्तनी की गलती को लेकर उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं: निर्वाचन आयोग

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  • Publish Date - January 6, 2026 / 10:55 PM IST,
    Updated On - January 6, 2026 / 10:55 PM IST

कोलकाता, छह जनवरी (भाषा) निर्वाचन आयोग (ईसी) ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन को सुनवाई के लिए उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं है। सेन को मतदाता सूची में उनके नाम की वर्तनी में विसंगतियों के कारण कथित तौर पर निर्वाचन आयोग ने बुलाया था। एक अधिकारी ने मंगलवार को कहा।

उन्होंने कहा कि चूंकि बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) के पास मतदाताओं के नामों में वर्तनी की गलतियों सहित छोटी-मोटी त्रुटियों को सुधारने का अधिकार है, इसलिए अर्थशास्त्री के मामले में सुधार को स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक रूप से निपटाया जाएगा।

तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी ने आज दिन में दावा किया था कि निर्वाचन आयोग ने सेन को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) सुनवाई का नोटिस भेजा है। हालांकि, सेन के परिवार के एक सदस्य ने ‘पीटीआई भाषा’ को बताया कि उन्हें आयोग से अभी तक कोई सुनवाई नोटिस नहीं मिला है।

अधिकारी ने ‘पीटीआई भाषा’ को बताया, ‘वर्तनी को लेकर जो भ्रम है वह पूरी तरह से तकनीकी है और मतदाता की पात्रता पर इसका कोई असर नहीं पड़ता। हमारे अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अनावश्यक विवादों से बचने के लिए ऐसे मामलों को प्रशासनिक स्तर पर ही सुलझाएं।’

आयोग ने इस बात पर जोर दिया कि मतदाताओं के नामों में मामूली त्रुटियां सुनवाई प्रक्रिया या मतदाता के अधिकारों को प्रभावित नहीं करती हैं और अधिकारियों को ऐसी तकनीकी बातों पर सार्वजनिक विवाद पैदा करने से बचने की चेतावनी दी गई है।

भाषा

शुभम वैभव

वैभव