एएमएमके दिल से राजग में शामिल हुई, न कि किसी ‘दबाव’ के तहत: टीटीवी दिनाकरन

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एएमएमके दिल से राजग में शामिल हुई, न कि किसी 'दबाव' के तहत: टीटीवी दिनाकरन

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  • Publish Date - January 23, 2026 / 05:54 PM IST,
    Updated On - January 23, 2026 / 05:54 PM IST

मदुरंतकम, 23 जनवरी (भाषा) अम्मा मक्कल मुनेत्र कषगम (एएमएमके) के महासचिव टीटीवी दिनाकरन ने शुक्रवार को कहा कि तमिलनाडु में उनकी पार्टी सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) को सत्ता से हटाने के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में पूरे दिल से शामिल हुई है, न कि किसी ‘दबाव’ के तहत।

दिनाकरन ने कहा कि उनके और राजग के एक अन्य घटक-ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) के नेतृत्व के बीच भले ही मतभेद रहे हैं, लेकिन वह नहीं चाहते कि ये मतभेद जन कल्याण या राज्य में द्रमुक शासन को समाप्त करने के प्रयासों में बाधा बनें।

एएमएमके महासचिव ने तमिलनाडु में विधानसभा चुनावों से पहले राजग की पहली राजनीतिक रैली को संबोधित करते हुए कहा, ‘हम आपसी मतभेदों को भुलाकर पूरे दिल से राजग में शामिल हुए हैं, ताकि अन्नाद्रमुक के नेतृत्व वाला गठबंधन द्रमुक को हरा सके और अम्मा (पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता) का शासन स्थापित कर सके। राजग से फिर से जुड़ने के लिए हम पर कोई दबाव नहीं था।’

चेन्नई से लगभग 87 किलोमीटर दूर मदुरंतकम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ मंच साझा करते हुए दिनाकरन ने कहा कि उनकी पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और अन्नाद्रमुक के हाथों को मजबूत करने का फैसला किया है, क्योंकि द्रमुक उनकी साझा राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी है।

एएमएमके प्रमुख ने कहा, ‘हम सभी को अम्मा ने ही तैयार किया है। उन्होंने हमें मुद्दों का सटीक ढंग से विरोध करना सिखाया और जब समर्थन देने की बात आती है, तो उन्होंने हमें चट्टान की तरह अडिग रहना सिखाया।’

उन्होंने अन्नाद्रमुक महासचिव ईके पलानीस्वामी को कई बार एक ‘सम्मानित नेता’ और ‘बड़े भाई’ के रूप में संबोधित किया, जो दोनों के बीच सुलह का संकेत था।

पलानीस्वामी के निर्देश पर अन्नाद्रमुक से निष्काषित किए जाने के बाद दिनाकरन ने 2018 में एएमएमके का गठन किया था। इस घटनाक्रम के बाद दोनों नेताओं ने शुक्रवार को राजग की रैली में पहली बार सार्वजनिक मंच साझा किया।

भाजपा ने हाल ही में तमिलनाडु में राजग के नेतृत्व के लिए पलानीस्वामी को चुना था और दिनाकरन पर ‘विश्वासघात का प्रतीक’ होने का आरोप लगाया था, जिसके बाद एएमएमके महासचिव गठबंधन से अलग हो गए थे। हालांकि, वह 21 जनवरी को भाजपा के तमिलनाडु चुनाव प्रभारी पीयूष गोयल की मौजूदगी में राजग में फिर से शामिल हो गए।

भाषा पारुल माधव

माधव