नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे और पूर्व केंद्रीय मंत्री रहे शकील अहमद के एक इंटरव्यू ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। (Shakeel Ahmed statement Rahul Gandhi timid) एक न्यूज चैनल के पॉडकास्ट में शकील अहमद ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखे आरोप लगाते हुए उन्हें भारतीय राजनीति का ‘सबसे डरपोक और असुरक्षित नेता’ बताया। उनके इस बयान के सामने आते ही भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर जोरदार हमला शुरू कर दिया है।
पॉडकास्ट में शकील अहमद ने कहा कि राहुल गांधी एक अत्यंत असुरक्षित नेता हैं और पार्टी के भीतर मजबूत नेतृत्व को पसंद नहीं करते। (Shakeel Ahmed statement Rahul Gandhi timid) उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे केवल नाम के अध्यक्ष हैं, जबकि पार्टी के सभी महत्वपूर्ण फैसले राहुल गांधी ही लेते हैं। शकील अहमद के अनुसार, राहुल गांधी को वरिष्ठ और प्रभावशाली नेताओं के साथ काम करने में परेशानी होती है और जहां उन्हें बॉस वाली भूमिका नहीं मिलती, वहां से वे दूरी बना लेते हैं।
उन्होंने राहुल गांधी द्वारा चलाए जा रहे ‘संविधान बचाओ आंदोलन’ पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इसका जमीनी स्तर पर कोई प्रभाव नहीं दिखाई देता। (Shakeel Ahmed statement Rahul Gandhi timid) SIR मुद्दे को लेकर भी उन्होंने राहुल गांधी की आलोचना की और दावा किया कि यह पूरी तरह असफल रहा है तथा मुस्लिम समाज भी राहुल गांधी के आरोपों से सहमत नहीं है।
शकील अहमद ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता मुस्लिम नेताओं और मुसलमानों के साथ सार्वजनिक रूप से तस्वीर खिंचवाने से बचते हैं, क्योंकि उन्हें हिंदू वोट बैंक के खिसकने का डर रहता है। (Shakeel Ahmed on Rahul Gandhi) राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर को लेकर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा, “अगर कोच खुद बल्लेबाजी करने लगे, तो टीम अच्छी बैटिंग नहीं कर पाएगी,” जिससे उन्होंने कांग्रेस की रणनीति पर भी सवाल खड़े किए।
शकील अहमद के इन बयानों के बाद बीजेपी ने कांग्रेस नेतृत्व पर तीखा हमला बोला है। बीजेपी नेता प्रदीप भंडारी ने कहा कि कांग्रेस के भीतर की सच्चाई अब सामने आ रही है। (Shakeel Ahmed statement Rahul Gandhi timid) उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी पार्टी में लोकतंत्र की बात करते हैं, लेकिन खुद कांग्रेस में लोकतांत्रिक व्यवस्था का पालन नहीं करते। भंडारी ने दावा किया कि राहुल गांधी ने मल्लिकार्जुन खरगे को “डमी अध्यक्ष” बना दिया है और कांग्रेस का कोई नेता राहुल गांधी को गंभीरता से नहीं लेता।
बीजेपी आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने कहा कि शकील अहमद के बयान कांग्रेस के भीतर लंबे समय से चले आ रहे नेतृत्व संकट और असहिष्णुता को उजागर करते हैं। (Shakeel Ahmed statement Rahul Gandhi timid) उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी मजबूत और जमीनी नेताओं से असहज महसूस करते हैं, जिसके चलते कांग्रेस ने अपने ही नेतृत्व को कमजोर किया है। मालवीय ने सवाल उठाया कि जब पार्टी के भीतर ही लोकतंत्र नहीं है, तो वह देश को क्या विकल्प दे सकती है।
बीजेपी नेता प्रेम शुक्ला ने भी राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि शकील अहमद मनमोहन सरकार में मंत्री रह चुके हैं और उन्हें राहुल गांधी के साथ काम करने का अनुभव है। (Shakeel Ahmed statement Rahul Gandhi timid) उनके अनुसार, शकील अहमद ने सार्वजनिक मंच पर राहुल गांधी की वास्तविक छवि उजागर की है। शुक्ला ने यह भी दावा किया कि कांग्रेस के नेता अब सच बोलना शुरू कर चुके हैं और शकील अहमद के बयान से यह स्पष्ट हो गया है कि पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर गहरा असंतोष है।
उन्होंने एसआईआर मुद्दे को लेकर भी शकील अहमद के दावों का समर्थन करते हुए कहा कि किसी भी वैध मतदाता का वोट कटने का प्रमाण सामने नहीं आया है। प्रेम शुक्ला ने कहा कि शकील अहमद ने राहुल गांधी को आईना दिखाने का काम किया है और कांग्रेस के भीतर चल रहे सत्ता संतुलन की सच्चाई उजागर कर दी है।