VandeBharat: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर के बाहर हंगामा, हाथों में लाठी-डंडे लेकर पहुंचे असामाजिक तत्व, सनातन पर क्यों छिड़ा धर्मयुद्ध..जानें

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Prayagraj News: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के शिविर के बाहर आज हंगामा हो गया। शिविर के बाहर कुछ असामाजिक तत्व हाथों में लाठी-डंडे और झंडा लेकर पहुंचे।

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  • Publish Date - January 24, 2026 / 11:54 PM IST,
    Updated On - January 24, 2026 / 11:55 PM IST

Prayagraj News, image source: social media

HIGHLIGHTS
  • अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के शिविर के बाहर हंगामा
  • शिविर के बाहर पहुंचे कुछ असामाजिक तत्व
  • हाथों में लाठी-डंडे और झंडा लेकर पहुंचे
  • कल्पवासी थाना अध्यक्ष को दी गई शिकायत

Prayagraj News: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के शिविर के बाहर आज हंगामा हो गया। शिविर के बाहर कुछ असामाजिक तत्व हाथों में लाठी-डंडे और झंडा लेकर पहुंचे। (Swami Avimukteshwaranand prayagraj News) जिसके बाद कल्पवासी थाना अध्यक्ष को इसकी शिकायत दी गई। इसे लेकर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने खतरा बताया है और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने की मांग की है।

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से हुई धर्मयुद्ध की शुरुआत

आपको बता दें कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और प्रशासन के बीच काफी दिनों से विवाद चल रहा है। सनातन पर छिड़े इस धर्मयुद्ध की शुरुआत उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से हुई है। (Swami Avimukteshwaranand prayagraj News) माघ मेले में मौनी अमावस्या के दिन, ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती अपनी पारंपरिक पालकी के साथ शाही स्नान के लिए संगम पहुंचे थे। लेकिन मेला प्रशासन ने सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और नियमों के नाम पर उन्हें रोक दिया।

धक्का-मुक्की, घसीटना और लाठीचार्ज के आरोप

जिसके बाद शिष्यों के साथ कथित धक्का-मुक्की, घसीटना और लाठीचार्ज के आरोप लगे, शंकराचार्य ने इसे सनातन परंपरा का घोर अपमान बताते हुए संगम तट पर ही धरना शुरू कर दिया। (Swami Avimukteshwaranand prayagraj News) प्रशासन ने दो नोटिस थमाए, एक में शंकराचार्य पद पर सवाल, दूसरा बैरियर तोड़ने और जबरन प्रवेश की चेतावनी। विवाद तब और भड़का जब शंकराचार्य ने सीएम योगी आदित्यनाथ को संत न मानते हुए उनकी तुलना हुमायूं के बेटे अकबर से कर दी, जवाब में सीएम योगी का बयान वायरल हुआ—उन्होंने सनातन को कालनेमि जैसे ताकतों से खतरा बताया..जो धर्म की आड़ में परंपरा कमजोर करने की साजिश रच रहे हैं।

Swami Avimukteshwaranand prayagraj News: संत-महात्मा से लेकर कथावाचक तक बंट गए..संत समाज दो धड़ों में विभाजित हो गया..एक तरफ सनातन की रक्षा का नारा, दूसरी तरफ एकता और अनुशासन का सवाल..धीरे-धीरे ये धार्मिक विवाद सियासी रंग लेने लगा..चारों ओर बहस, बयानबाजी और तीखी खींचतान छिड़ गई।

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