‘नाराज फूफा जी’ को अब काम मिल गया: माल ढुलाई गलियारे के उद्घाटन के बाद मोदी ने कहा

Ads

‘नाराज फूफा जी’ को अब काम मिल गया: माल ढुलाई गलियारे के उद्घाटन के बाद मोदी ने कहा

  •  
  • Publish Date - September 8, 2026 / 03:22 PM IST,
    Updated On - September 8, 2026 / 03:22 PM IST

वडोदरा, आठ सितंबर (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उनकी सरकार के विकास कार्यों पर सवाल उठाने वालों पर मंगलवार को निशाना साधते हुए उन्हें एक बार फिर ‘‘नाराज फूफा’’ बताया।

मोदी ने गुजरात के वडोदरा में ‘नमो फॉर विकसित भारत’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सत्ता में आने के बाद पिछले 12 वर्ष में देश की कार्यसंस्कृति बदल गई है।

इस कार्यक्रम में उन्होंने 35,000 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं में 2,800 किलोमीटर लंबा समर्पित माल ढुलाई गलियारा भी शामिल है, जिसे मोदी ने ‘‘21वीं सदी की ऐतिहासिक उपलब्धि’’ बताया।

मोदी ने गलियारा परियोजना की उपयोगिता पर सवाल उठाने वालों पर तंज कसते हुए कहा, ‘‘नाराज फूफा जी कहेंगे कि ट्रक वालों का क्या होगा?’’

उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का नाम लिए बिना कहा, ‘‘नाराज फूफा को अब काम मिल गया।’’

मोदी ने कहा, ‘‘2014 के बाद भारत ने 50,000 आधुनिक रेल कोच बनवाए लेकिन पिछली (कांग्रेस) सरकार 10 साल में 50,000 शौचालय भी नहीं बनवा सकी।’’

प्रधानमंत्री ने समर्पित माल ढुलाई गलियारे (पश्चिम) के तीन प्रमुख खंडों का उद्घाटन किया। यह गलियारा नवी मुंबई के जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह को उत्तर प्रदेश के दादरी से जोड़ता है और इन खंडों के उद्घाटन के साथ परियोजना पूरी हो गई।

मोदी ने कहा, ‘‘समर्पित माल ढुलाई गलियारे तेजी से विकसित हो रहे भारत की जीवनरेखा हैं। इस आधुनिक माल ढुलाई नेटवर्क के कारण भारत में बदलाव की रफ्तार तेज हो रही है।’’

उन्होंने कहा कि पहले यात्री और मालगाड़ियों को एक ही पटरी पर चलना पड़ता था जिससे यात्री और माल परिवहन दोनों की रफ्तार धीमी हो जाती थी लेकिन समर्पित माल ढुलाई गलियारे ने इस स्थिति को बदल दिया है।

मोदी ने कहा, ‘‘आपके आशीर्वाद से जब मैं 2014 में दिल्ली पहुंचा तो हमने इस परियोजना के काम में तेजी लानी शुरू कर दी। आज 2,800 किलोमीटर लंबे समर्पित माल ढुलाई गलियारे का काम पूरा हो गया है।’’

उन्होंने कहा कि आज पूर्वी और पश्चिमी माल ढुलाई गलियारे देश के व्यापार और कारोबार की मुख्य रीढ़ बन रहे हैं।

मोदी ने कहा कि 2,800 किलोमीटर लंबा समर्पित माल ढुलाई गलियारा इस बात का प्रमाण है कि पिछले 12 वर्ष में देश की कार्यसंस्कृति किस तरह बदली है।

उन्होंने कहा, ‘‘इस समर्पित माल ढुलाई गलियारे का विचार 2004 में सामने आया था। इस काम के लिए 2006 में एक विशेष कंपनी बनाई गई लेकिन 2014 तक फाइलें एक जगह से दूसरी जगह घूमती रहीं।’’

मोदी ने कहा, ‘‘इन फाइलों की किस्मत में भी दुर्भाग्य से कोई समर्पित गलियारा नहीं था। फाइलें कहीं अटक जाती थीं, कहीं पड़ी रहती थीं और इधर-उधर भटकती रहती थीं।’’

प्रधानमंत्री ने राहुल गांधी की ‘छात्रों की गूंज’ पहल पर भी तंज कसते हुए कहा कि युवा सच्चाई के साथ खड़े रहेंगे और ‘‘झूठ की गूंज’’ से गुमराह नहीं होंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘आपको हर जगह ऐसे लोग मिलेंगे जो ‘झूठ की गूंज’ के जरिये आपको गुमराह करने की कोशिश करेंगे, लेकिन आज का युवा सच्चाई के साथ खड़ा रहेगा।’’

‘छात्रों की गूंज’ कांग्रेस द्वारा शुरू किया गया छात्रों से संवाद का एक अभियान है, जिसके तहत देश के विभिन्न शहरों में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। कांग्रेस इस अभियान के जरिये परीक्षा प्रश्नपत्र लीक, महंगी शिक्षा, सरकारी भर्तियों में अनियमितताओं और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर सत्तारूढ़ भाजपा को घेरने की कोशिश कर रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि युवा देख सकते हैं कि सरकार सौर, पवन, जलविद्युत और परमाणु ऊर्जा समेत विभिन्न क्षेत्रों में कितनी गंभीरता से काम कर रही है।

मोदी ने युवाओं से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल करने का भी आग्रह किया।

उन्होंने कहा, ‘‘देश के युवाओं को एआई के क्षेत्र में विशेषज्ञ बनना होगा और हम चाहते हैं कि हमारे युवा इस क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करें।’’

मोदी ने न्यू सानंद, न्यू मकरपुरा, न्यू उंबरगांव और नवी मुंबई के न्यू जेएनपीटी से मालगाड़ी सेवाओं को हरी झंडी दिखाई। उन्होंने टांडा रोड और वडोदरा के बीच एक यात्री ट्रेन सेवा को भी हरी झंडी दिखाई।

भाषा सिम्मी पवनेश

पवनेश