अरुणाचल के गृह मंत्री ने बंद के आह्वान को अवैध बताया, इस चलन को हतोत्साहित करने की अपील की

Ads

अरुणाचल के गृह मंत्री ने बंद के आह्वान को अवैध बताया, इस चलन को हतोत्साहित करने की अपील की

  •  
  • Publish Date - September 8, 2026 / 03:38 PM IST,
    Updated On - September 8, 2026 / 03:38 PM IST

ईटानगर, आठ सितंबर (भाषा) अरुणाचल प्रदेश के गृह मंत्री मामा नाटुंग ने मंगलवार को कहा कि बंद के आह्वान को कानूनी नहीं माना जा सकता। उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह की गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

विधानसभा में शून्यकाल के दौरान जब कांग्रेस विधायक कुमार वाई ने राज्य में बार-बार बंद के आह्वान से आम जनजीवन पर पड़ने वाले असर का मुद्दा उठाया, तो नाटुंग ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने 1997 में स्पष्ट किया था कि अगर बंद से लोगों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन होता है, तो किसी को भी इसका आह्वान करने या इसे लागू करने का कानूनी अधिकार नहीं है।

नाटुंग ने कहा कि बार-बार बंद का आह्वान चिंता का विषय है, क्योंकि इससे आम जनजीवन प्रभावित होता है और कंपनियां भी राज्य में काम करने से हतोत्साहित हो सकती हैं।

उन्होंने कहा, “विकास के लिए शांति जरूरी है।”

नाटुंग ने कहा कि विकास कार्यों में शामिल कुछ कंपनियां, जैसे कि राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) और नॉर्थ ईस्टर्न इलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (नीपको) बार-बार होने वाले व्यवधान के कारण अपने कार्यालय अरुणाचल प्रदेश से बाहर संचालित कर रही हैं।

मंत्री ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 2014 कुछ गैर-कानूनी गतिविधियों की रोकथाम के प्रावधान करता है। इनमें खास तौर पर डरा-धमकाकर, मानसिक भय पैदा करके या धमकी देकर लागू कराया गया बंद, जरूरी सेवाओं में रुकावट और सार्वजनिक या निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी गतिविधियां शामिल हैं।

नाटुंग ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश संपत्ति (क्षति और नुकसान की रोकथाम) अधिनियम, 2020 संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से रोके जाने और उसकी भरपाई करवाने के लिए बनाया गया था। उन्होंने कहा, “अगर कोई संगठन अवैध रूप से बंद का आह्वान करता है, तो कानून अपना काम करेगा।”

भाषा पारुल नरेश

नरेश