सीबीआई अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच छह महीने के भीतर पूरी करे: कांग्रेस
सीबीआई अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच छह महीने के भीतर पूरी करे: कांग्रेस
नयी दिल्ली, 10 जनवरी (भाषा) कांग्रेस ने शनिवार को मांग की कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच बिना किसी दबाव के और निष्पक्ष तरीके से छह महीने के भीतर पूरी करे तथा मामले में सबूत नष्ट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
एक रिजॉर्ट की रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करने वाली अंकिता (19) की 2022 में हत्या कर दी गई थी। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता के माता-पिता के अनुरोध के बाद मामले की सीबीआई से जांच की सिफारिश की है।
कांग्रेस की उत्तराखंड इकाई मामले में नये सबूत सामने आने के बाद से ही केंद्रीय जांच एजेंसी से मामले की जांच कराने की मांग कर रही थी।
महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अलका लांबा ने मांग की कि सीबीआई मामले में“वीआईपी पहलू” की स्वतंत्र जांच करे और कार्यस्थलों पर सुरक्षा मानदंडों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
लांबा ने संवाददाताओं से कहा, “हम चाहते हैं कि सीबीआई ‘वीआईपी पहलू’ की स्वतंत्र जांच करे, सबूत नष्ट करने का आदेश देने वालों के खिलाफ कार्रवाई हो, सबूत नष्ट करने वाले विधायक के खिलाफ कार्रवाई हो, कार्यस्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े कानूनों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए और राजनीतिक संरक्षण प्रदान करने वालों को जवाबदेह ठहराया जाए।”
उन्होंने कहा, “हम भविष्य में ऐसे मामलों की जांच के लिए एक अनिवार्य स्वतंत्र जांच तंत्र भी चाहते हैं। सीबीआई को बिना किसी दबाव के और निष्पक्षता के साथ छह महीने के भीतर मामले की जांच पूरी करनी चाहिए।”
लांबा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को इस मामले से जुड़े “अपराधियों” को जांच प्रक्रिया से दूर रखना चाहिए, ताकि निष्पक्षता के साथ कार्रवाई की जा सके और अंकिता भंडारी को न्याय दिलाया जा सके।
उन्होंने कहा कि अंकिता के पिता ने कुछ ऐसे लोगों का जिक्र किया है, जिन्हें इस मामले में अहम माना जा रहा है। उन्होंने पूछा कि विशेष जांच दल (एसआईटी) ने इन लोगों से पूछताछ क्यों नहीं की।
लांबा ने कहा कि अंकिता जिस रिजॉर्ट में काम करती थी और रहती थी, उस पर बिना किसी न्यायिक आदेश के बुलडोजर चलाया गया तथा सबूतों को नष्ट कर दिया गया।
उन्होंने सवाल किया, “स्थानीय भाजपा विधायक ने बिना किसी न्यायिक आदेश के रिजॉर्ट पर बुलडोजर क्यों चलवाया? एसआईटी ने वीआईपी की पहचान सार्वजनिक क्यों नहीं की? क्या एसआईटी की जांच में किसी वीआईपी का नाम सामने आया?”
महिला कांग्रेस अध्यक्ष ने पूछा, “क्या राजनीतिक संरक्षण प्राप्त संस्थानों में महिला सुरक्षा योजनाएं लागू नहीं होतीं? क्या गरीब परिवार की बेटी की जान कम कीमती होती है? इस बात की क्या गारंटी है कि मामले के आरोपी को जेल से रिहा नहीं किया जाएगा? सबूत नष्ट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई कब होगी? आखिर इस मामले में संरक्षण देने वाले राजनीतिक व्यक्ति कौन हैं?”
पौड़ी स्थित वनंतरा रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और उसके दो कर्मचारियों ने 2022 में अंकिता की हत्या कर दी थी। पुलकित भाजपा के पूर्व नेता विनोद आर्य का बेटा है। अदालत ने पुलकित सहित तीनों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
अंकिता हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग तब और तेज हो गई, जब विधायक सुरेश राठौड़ की पत्नी होने का दावा करने वाली अभिनेत्री उर्मिला सनावर ने मामले में एक ‘वीआईपी’ की संलिप्तता का आरोप लगाया।
हाल ही में उर्मिला ने राठौड़ से हुई कथित बातचीत से जुड़ी ऑडियो रिकॉर्डिंग जारी की और एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसमें उन्होंने अंकिता हत्याकांड में एक ‘वीआईपी’ की संलिप्तता का आरोप लगाया है।
एक अन्य वीडियो में उर्मिला ने दावा किया कि उन्होंने जिस ‘वीआईपी’ का जिक्र किया है, वह भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम हैं। इसके बाद देहरादून और हरिद्वार में उर्मिला और राठौड़ के खिलाफ कई प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।
भाषा पारुल अविनाश
अविनाश

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