अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में हर प्रकार की जांच के लिए तैयार : धामी

अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में हर प्रकार की जांच के लिए तैयार : धामी

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  • Publish Date - January 6, 2026 / 07:24 PM IST,
    Updated On - January 6, 2026 / 07:24 PM IST

देहरादून, छह जनवरी (भाषा) उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को कहा कि सरकार अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में हर प्रकार की जांच के लिए तैयार है और अंकिता के माता-पिता से बातचीत करने के बाद उनकी इच्छा के अनुसार ही कोई निर्णय लिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने यहां संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कहा कि इस प्रकरण में केवल एक ऑडियो में बोले गए नाम को लेकर पूरे प्रदेश का माहौल खराब करने का षडयंत्र रचा जा रहा है और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम 10 सितंबर-20 सितंबर 2022 के दौरान प्रदेश में आए ही नहीं थे।

विपक्षी दल अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराए जाने की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं।

धामी ने यहां संवाददाताओं से कहा कि राज्य की जनता ने संवेदनशीलता के साथ इस मुद्दे पर अपनी भागीदारी की है और अपना मत दिया है लेकिन इससे सबसे ज्यादा प्रभावित अंकिता के माता-पिता और उनका परिवार हुआ है।

उन्होंने कहा, ”मैं राज्य के मुख्य सेवक के रूप में उनके (अंकिता के) माता-पिता से बात करूंगा। उनसे बात करने और कानूनी रूप से सभी चीजों का अध्ययन करने के बाद, वे अपनी बेटी की हत्या मामले में न्याय के लिए जो भी चाहते होंगे, हम उसे आगे बढ़ाएंगे।”

वर्ष 2022 में हुए अंकिता हत्याकांड को ‘ह्रदयविदारक’ करार देते हुए धामी ने कहा कि इस घटना के संज्ञान में आते ही इसके लिए जिम्मेदार तीनों आरोपियों को गिरफ्तार करने और अंकिता का शव बरामद करने के बाद महिला पुलिस उपमहानिरीक्षक रेणुका देवी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया था।

उन्होंने कहा कि एसआईटी ने हर पहलू से मामले की जांच की और अंकिता के परिवार सहित अन्य लोगों से मामले से संबंधित हर जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने कहा कि न्यायालय में मजबूत पैरवी की गयी जिसके परिणामस्वरूप तीनों आरोपी एक दिन भी जेल से बाहर नहीं आ पाए और उन्हें उम्रकैद की सजा मिली।

उत्तराखंड के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की पत्नी होने का दावा करने वाली अभिनेत्री उर्मिला सनावर द्वारा हाल में जारी ऑडियो में ‘वीआईपी’ के नाम को लेकर मामले की जांच सीबीआई को सौंपे जाने के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि एक बार ऑडियो की सत्यता प्रमाणित हो जाए, तो उसके बाद सरकार हर प्रकार की जांच के लिए तैयार है।

धामी ने कहा कि फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) तथा अन्य तरीकों से ऑडियो की सत्यता की जांच करने के लिए एक एसआईटी का गठन कर दिया गया है और उस ऑडियो में बातचीत करते सुनाई दे रहे लोगों से बात करने का पुलिस भी प्रयास कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा, ”उन लोगों ने जो भी ऑडियो में बोला है, उसकी सत्यता सामने आ जाए और सत्यता आते ही हम सभी प्रकार की जांच के लिए तैयार हैं। राज्य में भ्रम की स्थिति नहीं बननी चाहिए और हमारा ट्रैक रिकॉर्ड ऐसा रहा है कि कहीं भी चाहे वह कोई भी क्यों न हो, अगर गलत काम करेगा तो बख्शा नहीं जाएगा।”

ऑडियो में होने वाली बातचीत पर सवाल उठाते हुए धामी ने कहा कि एक जगह कहा जाता है कि वह स्वयं प्रदेश भाजपा का अध्यक्ष बनने वाले हैं, एक अन्य ऑडियो में अंकिता की हत्या की बात कही जा रही है तो दूसरे ऑडियो में दिवंगत के द्वारा आत्महत्या करने की बात की जाती है।

धामी ने सवाल किया, ”अब इनकी कौन सी बात सच मानी जाए।”

उन्होंने कहा कि ऐसे एक दो ऑडियो आते हैं और उसके संबंध में देहरादून की बजाय सीधे दिल्ली जाकर संवाददाता सम्मेलन किया जाता है और राज्य में इतना बड़ा बवंडर मचा दिया जाता है।

धामी ने इसमें साजिश की आशंका व्यक्त करते हुए सवाल उठाया कि कहीं यह जेल में बंद दोषियों को छुड़ाने का कोई षडयंत्र तो नहीं चल रहा है।

उन्होंने कहा, ”दिल्ली में हुए संवाददाता सम्मेलन में हमारे प्रभारी जी (दुष्यंत कुमार गौतम) का नाम लिया गया। पुलिस ने भी जांच कर ली कि 10 सितंबर से लेकर 20 सितंबर तक उनका उत्तराखंड में आना ही नहीं हुआ।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि गौतम के सोशल मीडिया तथा फेसबुक में भी उनका इस संबंध में पूरा रिकॉर्ड है।

धामी ने कहा कि तीनों दोषियों को उम्रकैद की सजा हुई है और अगर हत्याकांड में कोई और भी शामिल होता तो जेल जा रहे दोषी यह बात जरूर बताते।

मुख्यमंत्री ने ऑडियो में बोलने वाले लोगों से सामने आने की अपील करते हुए कहा कि जिन लोगों के कारण राज्य में इस प्रकार का माहौल बना है, उन्हें भागने की बजाय सामने आकर बताना चाहिए कि ऐसा उन्होंने किस आधार पर कहा है।

उन्होंने कहा, ” इस मामले की जांच चल रही है और जो धुंध लगी है, वह छटेगी और सूरज निकलेगा।”

यह पूछे जाने पर कि क्या यह राठौर और गौतम की व्यक्तिगत लड़ाई का परिणाम है, धामी ने कहा कि यह जांच में ही सामने आ पाएगा आएगा।

वर्ष 2022 में पौड़ी जिले के वनंत्रा रिजॉर्ट में बतौर रिसेप्शनिस्ट काम करने वाली 19 वर्षीय अंकिता की रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य ने अपने दो कर्मचारियों-सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता के साथ मिलकर हत्या कर दी थी। इस मामले में तीनों आरोपियों को सत्र न्यायालय उम्रकैद की सजा सुना चुका है।

भाषा

दीप्ति रवि कांत