अन्नामलाई ने अपना राजनीतिक रोडमैप जारी किया, धर्मनिरपेक्ष राजनीति की वकालत की

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अन्नामलाई ने अपना राजनीतिक रोडमैप जारी किया, धर्मनिरपेक्ष राजनीति की वकालत की

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  • Publish Date - July 12, 2026 / 10:35 PM IST,
    Updated On - July 12, 2026 / 10:35 PM IST

कोयंबटूर, 12 जुलाई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तमिलनाडु इकाई के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने रविवार को कहा कि उनका आंदोलन ‘वी द लीडर्स’ अंतत: एक राजनीतिक दल का रूप लेगा और उन्होंने इस बात के पर्याप्त संकेत दिए कि उनकी जल्द ही शुरू होने वाली पार्टी धर्मनिरपेक्ष राजनीति अपनाएगी।

भाजपा में रहते हुए आक्रामक राजनीति के जरिए पहचान पाने वाले अन्नामलाई ने राज्य में सत्तारूढ़ टीवीके के प्रति मित्रवत रुख अपनाया और इसके कमजोर पड़ने की स्थिति में उसकी तरफ मदद का हाथ बढ़ाने की वकालत की।

अन्नामलाई ने यहां पास में पोल्लाची में अपने फाउंडेशन के पहले सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें एक राष्ट्रवादी और भारतीय होने पर गर्व है।

अन्नामलाई के नेतृत्व वाली ‘वी द लीडर्स’ फाउंडेशन ने यहां अपनी पहली रैली के लिए नशे के खिलाफ अभियान को अपना विषय चुना।

उन्होंने कहा कि क्या कोई गौरवान्वित तमिल व्यक्ति भारत के विचार के खिलाफ हो सकता है और क्या किसी गौरवान्वित भारतीय को तमिल विचार के विरुद्ध खड़ा किया जा सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘हमें ऐसी राजनीति की जरूरत नहीं है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैं हिंदू हूं, लेकिन जब मैं घर से बाहर निकलता हूं, तो अपनी जाति और धर्म को अपने घर के अंदर ही बंद कर देता हूं। हर बार धर्म को उजागर करने और प्रदर्शित करने की कोई जरूरत नहीं है।’’

अन्नामलाई ने कहा, ‘‘सच्चा हिंदू सभी को समान मानता है। वह यह नहीं कहता कि कोई श्रेष्ठ है और कोई दूसरा कमतर है। वह कहेगा कि सभी को एक सीधी पंक्ति में साथ-साथ चलना चाहिए। यही मेरा हिंदू दर्शन है।’’

हाल में हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बारे में उन्होंने कहा कि 39 वर्ष से कम उम्र के लोगों ने सत्ता परिवर्तन किया।

सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) ने 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरकर राज्य की सत्ता संभाली। टीवीके की स्थापना 2024 में हुई थी।

अन्नामलाई ने दावा किया कि 2031 में जब अगला विधानसभा चुनाव होगा, तब इसी आयु वर्ग से जुड़े लोग बहुत बड़ा सत्ता परिवर्तन करेंगे।

उन्होंने कहा कि किसी को भी अभियान में शामिल होने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भागीदारी किए गए काम के आधार पर स्वैच्छिक होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि अगले छह महीनों के दौरान पर्यावरण समेत छह महत्वपूर्ण मुद्दों को जागरूकता पैदा करने के लिए उठाया जाएगा।

नशा-रोधी जागरूकता सम्मेलन में छह प्रस्ताव पारित किए गए, जो मादक पदार्थों, शराब और इनके दुरुपयोग के खिलाफ थे।

आयोजकों के अनुसार हर साल जुलाई को ‘‘व्हाइट बैंड’’ माह के रूप में मनाया जाएगा, जिसमें नशे से दूर रहने और दूसरों को भी ऐसा करने में मदद करने का संकल्प लिया जाएगा।

आक्रामक राजनीतिक शैली के लिए पहचाने जाने वाले अन्नामलाई ने हाल में भाजपा छोड़ दी थी और पोल्लाची सम्मेलन भाजपा से अलग होने के बाद उनका पहला बड़ा सार्वजनिक कार्यक्रम है।

भाषा वैभव नरेश

नरेश