ईटानगर, 27 मई (भाषा) ईटानगर राजधानी क्षेत्र के प्रशासन ने बुधवार को मिथुन गायों के व्यावसायिक वध पर प्रतिबंध लगा दिया और आदेश का उल्लंघन करने पर दंड की चेतावनी दी। एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी।
ईटानगर राजधानी क्षेत्र के उपायुक्त टोको बाबू ने कृषि उपज विपणन (विनियमन) अधिनियम, 1989 और आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 का हवाला देते हुए प्रतिबंध आदेश जारी किया।
मिथुन या गयाल पूर्वोत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में पाया जाने वाला एक दुर्लभ और गोवंशीय पशु है। इसे ‘पहाड़ों का मवेशी’ भी कहा जाता है।
टोको बाबू कृषि उपज बाजार समिति (एपीएमसी) के अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी अवैध वध के लिए 20,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
एपीएमसी के उपाध्यक्ष को अवैध मिथुन वध की निगरानी करने वाली टीम का प्रमुख नियुक्त किया गया है।
उपायुक्त ने इटानगर और नाहरलागुन के पुलिस अधीक्षकों को भी निर्देश दिया कि वे एपीएमसी सदस्यों की आवश्यकता पड़ने पर कर्मियों को तैनात करें।
एक अलग आदेश में ईटानगर नगर निगम (आईएमसी) ने शहर के भीतर राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-415 के किनारे संचालित मांस, फल और सब्जी के स्टालों को तत्काल हटाने का आदेश दिया है, यह कहते हुए कि वे यातायात जाम का कारण बन रहे थे और सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए खतरा पैदा कर रहे थे।
दुकानदारों और विक्रेताओं को 10 दिनों के भीतर अपनी संरचनाएं हटाने का निर्देश दिया गया है।
भाषा तान्या रंजन
रंजन