HDFC Bank Clarification: ब्याज भुगतान गड़बड़ी की खबरों के बाद HDFC बैंक का बड़ा बयान, सफाई में कही ऐसी बात जिसने सबको कर दिया हैरान!

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HDFC Bank Clarification: HDFC बैंक पर 45 करोड़ रुपये के कथित भुगतान और मार्केटिंग खर्च के जरिए अतिरिक्त ब्याज देने के आरोप लगे हैं। हालांकि बैंक ने इन सभी आरोपों को खारिज करते हुए उन्हें बेबुनियाद बताया है और अपनी प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी व मजबूत ऑडिट सिस्टम वाला कहा है।

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  • Publish Date - May 27, 2026 / 05:35 PM IST,
    Updated On - May 27, 2026 / 05:44 PM IST

(HDFC Bank Clarification/ Image Credit: ANI News)

HIGHLIGHTS
  • HDFC बैंक पर 45 करोड़ रुपये के कथित भुगतान का मामला
  • भुगतान को लेकर आंतरिक जांच के दावे सामने आए
  • बैंक ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया

नई दिल्ली: HDFC Bank Clarification: देश के सबसे बड़े बैंक में से एक HDFC बैंक एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार मामला 45 करोड़ रुपये के कथित भुगतान और उससे जुड़ी आंतरिक जांच को लेकर सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि बैंक के भीतर इस भुगतान की विजिलेंस जांच शुरू की गई है। जिससे कई सवाल खड़े हो गए हैं। वहीं बैंक ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है और कहा कि उनकी सभी प्रक्रियाएं नियमों और पारदर्शिता के साथ चलती है।

बैंक का बयान और सफाई

इन आरोपों पर HDFC बैंक की तरफ से स्पष्ट सफाई दी गई है। बैंक प्रवक्ता ने कहा कि कुछ अधूरी जानकारी और चुनिंदा दस्तावेजों के आधार पर गलत निष्कर्ष निकाले जा रहे हैं। बैंक ने दावा किया कि उसकी सभी प्रक्रियाएं पूरी तरह नियमों के अनुसार और पारदर्शिता के साथ चलती हैं। साथ ही बैंक ने कहा कि उसके पास मजबूत आंतरिक ऑडिट और निगरानी प्रणाली मौजूद है।

शेयर बाजार पर दिखा असर

इस खबर का असर शेयर बाजार में भी देखने को मिला। बुधवार को HDFC Bank Ltd के शेयर में लगभग 2.54 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। कारोबार के दौरान शेयर का भाव करीब 759.15 रुपये तक पहुंच गया और दोपहर 3:30 बजे के आसपास इसी स्तर पर बंद हुआ। निवेशकों में इस खबर के बाद हल्की चिंता देखी गई।

क्या है पूरा मामला?

रिपोर्ट्स के अनुसार, बैंक की ऑडिट कमेटी ने 45 करोड़ रुपये के भुगतान को लेकर आंतरिक विजिलेंस जांच शुरू की है। आरोप है कि यह रकम महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (MSRDC) को अप्रत्यक्ष रूप से दी गई। दावा किया जा रहा है कि यह भुगतान अतिरिक्त ब्याज देने के लिए किया गया। लेकिन इसे सीधे ब्याज के रूप में नहीं दिखाकर मार्केटिंग खर्च के तौर पर दर्ज किया गया। बताया गया है कि यह रकम चार स्थानीय वेंडर्स के जरिए रोड सेफ्टी अभियान के नाम पर दी गई थी।

नोट:-शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।

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HDFC बैंक पर क्या आरोप लगे हैं?

बैंक पर 45 करोड़ रुपये के कथित भुगतान और उसे मार्केटिंग खर्च के रूप में दिखाने के आरोप लगे हैं।

क्या बैंक में कोई जांच चल रही है?

रिपोर्ट्स में आंतरिक विजिलेंस जांच शुरू होने का दावा किया गया है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।

HDFC बैंक ने इन आरोपों पर क्या कहा है?

बैंक ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए इन्हें बेबुनियाद बताया है और पारदर्शी प्रक्रिया का दावा किया है।

इस खबर का शेयर बाजार पर क्या असर पड़ा?

खबर के बाद HDFC बैंक के शेयर में लगभग 2.54% की गिरावट दर्ज की गई।