ईटानगर, 24 सितंबर (भाषा) अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर में ऑल न्यिशी स्टूडेंट्स यूनियन (एएनएसयू) की शिक्षा संबंधी प्रमुख मांगों पर सरकार की कथित निष्क्रियता के विरोध में संगठन द्वारा आहूत 12 घंटे के बंद के कारण बृहस्पतिवार को जनजीवन प्रभावित रहा।
अधिकारियों ने बताया कि सुबह से शाम तक के इस बंद के कारण यहां अधिकतर व्यावसायिक गतिविधियां ठप रहीं और दुकानें, बाजार तथा कारोबारी प्रतिष्ठान बंद रहे।
एएनएसयू की मांगों में न्यिशी बहुल सात जिलों में चिह्नित 56 विद्यालयों पर कार्रवाई, पापुम पारे जिले के तोरू में सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज जल्द शुरू करने और पाके-केसांग जिले में विशेष जरूरत वाले बच्चों के लिए स्कूल की स्थापना शामिल हैं।
बंद के कारण सरकारी कार्यालयों में भी उपस्थिति कम रही, जबकि बंद समर्थकों द्वारा कई स्थानों पर वाहनों को रोके जाने से यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई।
आपातकालीन सेवाओं को बंद के दायरे से बाहर रखा गया था।
अधिकारियों ने बताया कि ईटानगर राजधानी क्षेत्र (आईसीआर) प्रशासन ने बंद को अवैध घोषित किया था लेकिन चेतावनी के बावजूद एएनएसयू ने बंद जारी रखा।
एएनएसयू के प्रतिनिधियों ने बुधवार को राज्य के गृह मंत्री मामा नातुंग और शिक्षा मंत्री पासंग दोरजी सोना के साथ बैठक की थी।
हालांकि, बातचीत बेनतीजा रही, जिसके बाद संगठन ने बृहस्पतिवार को बंद का आह्वान किया।
आईसीआर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) जुम्मर बासर ने बताया कि बंद कुल मिलाकर शांतिपूर्ण रहा हालांकि सुबह के शुरुआती घंटों में ईटानगर और नाहरलागुन में बंद समर्थकों द्वारा कथित रूप से एक स्कूटर सहित दो वाहनों में आग लगाए जाने जैसी कुछ छिटपुट घटनाएं हुईं।
उन्होंने बताया कि पुलिस कर्मियों ने यात्रियों को होलोंगी स्थित डोनी पोलो हवाई अड्डे तक पहुंचने में मदद की और अरुणाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग (एपीपीएससी) तथा अरुणाचल प्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड (एपीएसएसबी) के अधिकारियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने में सहयोग किया।
अधिकारी ने बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए राजधानी के प्रमुख स्थानों पर बड़ी संख्या में पुलिस व सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई थी।
इस बीच, एएनएसयू के अध्यक्ष अशोक डोका ने बंद के बाद पत्रकारों से कहा कि अगर राज्य सरकार उनकी मांगों पर प्रतिक्रिया नहीं देती है तो संगठन 28 सितंबर से पूरे अरुणाचल प्रदेश में 48 घंटे का ‘‘लोकतांत्रिक बंद’’ आयोजित करेगा।
भाषा जितेंद्र अविनाश
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