अश्विन सांघी को भूटान की महारानी ने दिया साहित्य का पहला जेएसडब्ल्यू पुरस्कार

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अश्विन सांघी को भूटान की महारानी ने दिया साहित्य का पहला जेएसडब्ल्यू पुरस्कार

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  • Publish Date - August 3, 2026 / 08:30 PM IST,
    Updated On - August 3, 2026 / 08:30 PM IST

नयी दिल्ली, तीन अगस्त(भाषा) लोकप्रिय लेखक अश्विन सांघी को 15वें ‘भूटान इकोज़: ड्रुक्युल लिटरेचर एंड आर्ट्स फेस्टिवल’ के उद्घाटन समारोह में भूटान की महारानी आशी दोरजी वांग्मो वांगचुक ने प्रथम जेएसडब्ल्यू पुरस्कार से सम्मानित किया।

यह समारोह थिम्पू स्थित रॉयल यूनिवर्सिटी ऑफ़ भूटान में आयोजित किया गया।

इस समारोह में भूटान के प्रधानमंत्री दाशो शेरिंग टोबगे सहित साहित्य, कला और सार्वजनिक जीवन से जुड़ी अनेक प्रतिष्ठित हस्तियाँ उपस्थित थीं। विशिष्ट अतिथियों में त्रावणकोर की राजकुमारी अश्वथी तिरुनाल गौरी लक्ष्मी, नेपाल के प्रसिद्ध उद्योगपति बिनोद चौधरी, प्रख्यात लोक गायिका इला अरुण तथा फेस्टिवल निदेशक केली दोर्जी शामिल थे।

यहां सोमवार को जारी एक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई।

भूटान के चौथे द्रुक ग्यालपो जिग्मे सिंग्ये वांगचुक की 70वीं जयंती के उपलक्ष्य में वर्ष 2025 में स्थापित जेएसडब्ल्यू साहित्य पुरस्कार का उद्देश्य साहित्य और कला के क्षेत्र में असाधारण योगदान देने वाले रचनाकारों को सम्मानित करना है।

अश्विन सांघी इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के प्रथम प्राप्तकर्ता बने हैं। उन्हें इस वर्ष महोत्सव की थीम ‘द आर्ट ऑफ़ बीइंग ह्यूमन’ के अंतर्गत इस सम्मान से नवाज़ा गया।

चयन समिति ने अश्विन सांघी की विशिष्ट साहित्यिक कृतियों को सम्मानित करते हुए कहा कि उनके लेखन में इतिहास, पौराणिक कथाओं, दर्शन और सभ्यतागत स्मृतियों का अद्भुत समन्वय देखने को मिलता है। उनकी रचनाएँ जटिल विचारों को भी सहज, रोचक और व्यापक पाठक वर्ग तक पहुँचाने की क्षमता रखती हैं, जिससे वे पीढ़ियों और भौगोलिक सीमाओं से परे पाठकों से जुड़ते हैं।

समारोह के दौरान अश्विन सांघी ने पुरस्कार स्वरूप प्राप्त 5 लाख रुपये की पूरी राशि तरायाना फाउंडेशन को दान कर दी। यह भूटान की एक प्रतिष्ठित संस्था है, जो पूरे देश में सामाजिक और सामुदायिक विकास के क्षेत्र में अपने व्यापक और उल्लेखनीय कार्यों के लिए जानी जाती है।

सम्मान प्राप्त करने के बाद अश्विन सांघी ने कहा ‘महारानी से यह सम्मान व्यक्तिगत रूप से प्राप्त करना मेरे जीवन के सबसे अविस्मरणीय क्षणों में से एक है। किसी भी पुरस्कार का पहला प्राप्तकर्ता बनना विनम्रता से भर देने वाला अनुभव है—क्योंकि तब आप केवल किसी सूची का हिस्सा नहीं बनते, बल्कि एक नई परंपरा की शुरुआत का हिस्सा बनते हैं। ।’

अश्विन सांघी ने ‘द रोज़ाबल लाइन’, ‘चानक्या चैंट’ और ‘द कृष्णा की’ जैसी चर्चित कृतियाँ साहित्य को दी हैं। इसके अलावा वे लोकप्रिय अपराध-कथा ‘कुट्टा कदम’ श्रृंखला के भी लेखक हैं। उनका नौवाँ उपन्यास 2027 में पाठकों के बीच आएगा।

भाषा नरेश नरेश

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