(फाइल फोटो के साथ)
गुवाहाटी, 31 जुलाई (भाषा) असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा कि राज्य मंत्रिमंडल ने दो नये वन को आरक्षित वन घोषित करने की शुक्रवार को मंजूरी दे दी, जिससे राज्य में संरक्षित हरित क्षेत्र बढ़ जाएगा।
मंत्रिमंडल ने राज्य के जैविक कचरे को स्वच्छ ऊर्जा में बदलने के लिए एक रूपरेखा तैयार करने के उद्देश्य से ‘असम कंप्रेस्ड बायोगैस नीति’ को भी मंजूरी दे दी।
शर्मा ने मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता करने के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘गोलपारा जिले में प्रस्तावित राख्यासिनी आरक्षित वन और थार्को नलबाड़ी आरक्षित वन को आरक्षित वन के तौर पर अधिसूचित करने को मंजूरी दे दी गई है। इससे राज्य में हरित क्षेत्र बढ़ेगा।’’
उन्होंने कहा कि असम की कंप्रेस्ड बायोगैस नीति को भी मंत्रिमंडल की मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा कि इससे एक ऐसी व्यापक रूपरेखा तैयार होगी, जिसके जरिए राज्य के जैविक कचरे को स्वच्छ ऊर्जा में बदला जा सकेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योग और वाणिज्य विभाग परियोजनाएं पूरी करने के लिए नोडल एजेंसी का काम करेगा।
मंत्रिमंडल ने ‘असम विधिक माप-तौल (सरकारी मान्यता प्राप्त जांच केंद्र) नियम, 2026’ को भी मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य विनिर्माताओं द्वारा स्व-प्रमाणन और वजन व माप के उपकरणों के लिए ‘थर्ड पार्टी’ प्रमाणन को लागू करना है, ताकि नियमों के पालन और विनियमन का बोझ कम किया जा सके।
शर्मा ने बताया कि मंत्रिमंडल ने असम पशुपालन और पशु चिकित्सा अधीनस्थ सेवा (संशोधन) नियम, 2026 को भी मंजूरी दी है।
भाषा सुभाष दिलीप
दिलीप