गुवाहाटी, 17 अगस्त (भाषा) असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने बाढ़ से प्रभावित चार जिलों के 31,951 परिवारों को सोमवार को 15-15 हजार रुपये प्रति परिवार की अंतरिम राहत राशि की दूसरी किस्त जारी की।
शर्मा ने इस साल आई बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित चार जिलों – शिवसागर, चराइदेव, जोरहाट और गोलाघाट के लाभार्थियों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से औपचारिक रूप से राशि जारी की।
राज्य सरकार ने उन परिवारों के लिए 15,000 रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की थी जिनके मकान बाढ़ में पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए थे।
पहली किस्त में 64,891 परिवार शामिल थे जबकि दूसरे चरण में 31,951 परिवारों को राहत मिली। इससे लाभार्थियों की संख्या अब 96,842 हो गई है।
शर्मा ने कहा, ‘‘शिवसागर विधानसभा क्षेत्र में करीब 3,000 और परिवारों की सूची का सत्यापन किया जा रहा है। इसलिए बाद में तीसरी किस्त का भुगतान किए जाने की संभावना है जिससे लाभार्थियों की संख्या लगभग एक लाख तक पहुंच सकती है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘लोगों को अपनी जिंदगी को फिर से पटरी पर लाने के लिए अभी नकद पैसे की जरूरत है। इसीलिए हम प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) योजनाओं को अपना रहे हैं।’’
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस साल राज्य में बाढ़ से कम से कम 104 लोगों की मौत हुई है और 50,000 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।
शर्मा ने बताया कि चार जिलों में नुकसान का तेजी से आकलन किया जा रहा है और अब तक लगभग 450 करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन किया जा चुका है।
उन्होंने कहा, ‘‘अब तक लगभग 30 प्रतिशत नुकसान का आकलन किया जा चुका है और कुल आर्थिक नुकसान 10,000 करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है।’’
उन्होंने बताया कि नुकसान के आकलन का पहला चरण 28 से 29 अगस्त तक पूरा होने की उम्मीद है। इसके बाद लाभार्थियों की सूची एक वेब पोर्टल पर अपलोड की जाएगी ताकि लोग अपने दावों की पुष्टि कर सकें।
उन्होंने कहा, ‘‘इसके बाद सर्वेक्षण करने वाली कई टीम सुधार करने के लिए प्रभावित इलाकों का दोबारा दौरा करेंगी और संशोधित सूची 15 या 16 सितंबर को अपलोड किए जाने की उम्मीद है। यदि और विसंगतियां पाई जाती हैं तो सर्वेक्षक तीसरी बार दौरा करेंगे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमारा लक्ष्य है कि त्वरित नुकसान आकलन रिपोर्ट के आधार पर मुआवजे का भुगतान सितंबर के अंत तक या दुर्गा पूजा उत्सव शुरू होने से पहले कर दिया जाए।’’
शर्मा ने कहा कि मुआवजा वितरित करने के बाद राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ चर्चा करेगी कि शिवसागर और चराइदेव जिलों में पात्र लाभार्थियों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान आवंटित करने की प्रक्रिया को कैसे तेजी से पूरा किया जाए।
बैंक ऋण की किस्तों में मोहलत और बीमा दावों से जुड़े आवेदनों पर शर्मा ने कहा कि अब तक 1,712 लोगों ने ऋण भुगतान में मोहलत के लिए आवेदन किया है।
उन्होंने कहा कि ऋण भुगतान में मोहलत के लिए आवेदन करने की आखिरी तारीख 31 अगस्त है और पात्र ऋणदाताओं से जल्द से जल्द आवेदन जमा करने की अपील की।
शर्मा ने कहा, ‘‘इन चार जिलों में करीब दो लाख ऋण खाते हैं और हालांकि सभी ऋण लेने वाले बाढ़ प्रभावित नहीं हैं, लेकिन मेरा मानना है कि पात्र आवेदकों की संख्या अभी और बढ़ सकती है।’’
उन्होंने कहा कि कुल 1,598 बीमा दावे दायर किए गए हैं, जिनमें से 170 दावों का निपटारा कर भुगतान किया जा चुका है।
भाषा सुरभि माधव
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