गुवाहाटी, 15 मार्च (भाषा) असम सरकार ने रविवार को तीन कुकी उग्रवादी संगठनों और एक हमार संगठन के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। सरकार ने दावा किया कि इन समझौतों के साथ राज्य में “जातीय उग्रवाद” का अंत हो गया है।
सरकारी बयान के अनुसार इन चारों संगठनों ने 2012 में तत्कालीन केंद्रीय गृह मंत्री और मुख्यमंत्री की मौजूदगी में हथियार डाल दिए थे और ‘सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशन’ समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।
समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले कुकी संगठन में यूनाइटेड कुकीगाम डिफेंस आर्मी (यूकेडीए), कुकी रिवोल्यूशनरी आर्मी (केआरए) और कुकी लिबरेशन ऑर्गनाइजेशन (केएलओ) / कुकी लिबरेशन आर्मी (केएलए) शामिल हैं।
इसके अलावा हमार संगठन हमार पीपुल्स कन्वेंशन-डेमोक्रेटिक (एचपीसी-डी) ने भी सरकार के साथ अंतिम समझौते पर हस्ताक्षर किए।
इन संगठनों में यूकेडीए का गठन 2010 में और केआरए का 2000 में कर्बी अंगलॉग जिले में हुआ था, जबकि केएलओ और केएलए का गठन क्रमशः 1992 और 1993 में दिमा हसाव जिले में हुआ था। हमार संगठन एचपीसी-डी की स्थापना 2003–04 में हुई थी।
सरकार और इन संगठनों के बीच कई दौर की त्रिपक्षीय वार्ताएं हुईं जो मौजूदा सरकार के दौरान तेज हुईं और अंततः इन समझौतों पर हस्ताक्ष्तार किए गए।
इन समझौतों के तहत कुकी और हमार समुदायों के लिए कल्याण और विकास परिषदों का गठन किया जाएगा, जिनका मुख्यालय गुवाहाटी में होगा। इन परिषदों के लिए बजट प्रावधान भी किया जाएगा, जिसे उनकी जरूरतों के अनुसार तैयार कर राज्य सरकार के परिवर्तन और विकास विभाग को मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
सरकार ने उग्रवादी संगठनों के कैडरों के पुनर्वास और उग्रवाद के दौरान मारे गए लोगों के परिवारों को वित्तीय सहायता देने का भी आश्वासन दिया है।
इन संगठनों ने कुल 1,012 हथियार, 25,488 गोला-बारूद और 34 ग्रेनेड जमा कराए हैं।
भाषा राखी नरेश
नरेश