All Party Meeting For Middle East Crisis. Image Source- ANI Video Grab
नई दिल्लीः All Party Meeting For Middle East Crisis: मध्य एशिया में जारी तनाव का असर भारत पर भी देखने को मिल रही है। केंद्र की मोदी सरकार अब इस मामले में सर्वदलीय बैठक बुलाने की तैयारी कर रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बुधवार को शाम पांच बजे सर्वदलीय बैठक होगी। विपक्षी नेताओं ने इस मुद्दे पर सरकार के रुख की आलोचना करते हुए जल्द से जल्द सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की थी। इसके बाद अब सरकार ने अब ये बैठक बुलाई है और सभी को इस बैठक में शामिल होने की अपील की है।
All Party Meeting For Middle East Crisis: सरकार की ओर से बुलाई गई इस सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस नेता राहुल गांधी शामिल नहीं होंगे। कांग्रेस MP और लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि मैं शामिल नहीं हो पाऊंगा क्योंकि केरल में मेरा एक प्रोग्राम है। ऑल-पार्टी मीटिंग होनी चाहिए, लेकिन एक स्ट्रक्चरल ब्लंडर हो गया है और इसे ठीक नहीं किया जा सकता। खासकर प्रधानमंत्री नहीं कर सकते। वह वही करेंगे जो अमेरिका कहेगा और किसानों और देश के हित में काम नहीं करेंगे। वह वही करेंगे जो अमेरिका और इज़राइल कहेंगे।
#WATCH | Delhi | Congress MP and Lok Sabha LoP Rahul Gandhi says, “I would not be able to attend because I have a program in Kerala. All-party meeting should take place, but a structural blunder has been made… And this cannot be fixed, especially the Prime Minister cannot. He… https://t.co/gAIBnSG77B pic.twitter.com/NuXDdpMuIN
— ANI (@ANI) March 24, 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम एशिया के हालात पर राज्यसभा में मंगलवार को 21 मिनट बोले। उन्होंने कहा कि अमेरिका-इजराइल की ईरान से जंग जारी रही तो इसके दुष्परिणाम होंगे। आने वाला समय देश की सबसे बड़ी परीक्षा लेने वाला है। इसमें राज्यों का सहयोग जरूरी है। टीम इंडिया की तरह काम करने होगा। उन्होंने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में हमारे जहाज और भारतीय क्रू फंसा हुआ है। ये चिंताजनक है। हमारे व्यापार के रास्ते प्रभावित हो रहे हैं। गैस-तेल, फर्टिलाइजर्स जैसे जरूरी सामान की सप्लाई पर असर पड़ा है। एक दिन पहले पीएम ने लोकसभा में 25 मिनट की स्पीच दी थी। उन्होंने कहा था कि इस युद्ध के कारण दुनिया में जो कठिन हालात बने हैं, उनका प्रभाव लंबे समय तक बने रहने की आशंका है। इसलिए हमें तैयार रहना होगा। हम कोरोना के समय भी एकजुटता से ऐसी चुनौतियों का सामना कर चुके हैं।
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