गुवाहाटी, 13 सितंबर (भाषा) असम के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री जयंत मल्ल बरुआ ने रविवार को बताया कि संरक्षण और प्रजनन कार्यक्रम के जरिए दुनिया की सबसे छोटी और दुर्लभ जंगली सुअर की प्रजाति ‘पिग्मी हॉग’ की संख्या अब छह से बढ़कर 194 हो गई है।
हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि इस लुप्तप्राय जीव की संख्या में यह वृद्धि किस अवधि के दौरान हुई। यह प्रजाति केवल भारत में पाई जाती है।
बरुआ ने कहा कि 2040 तक ‘पिग्मी हॉग’ की आबादी बढ़ाकर 300 करने का लक्ष्य रखा गया है।
मंत्री ने कहा, ‘‘यह दीर्घकालिक लक्ष्य न केवल इस प्रजाति के संरक्षण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है, बल्कि उन घास के मैदानों को फिर से बेहतर बनाने के प्रयासों को भी दिखाता है, जिन पर ‘पिग्मी हॉग’ और कई अन्य संकटग्रस्त वन्यजीव प्रजातियां निर्भर हैं।’’
उन्होंने कहा कि छह से 194 तक का यह सफर दिखाता है कि दृढ़ संकल्प के साथ किए गए संरक्षण से क्या हासिल किया जा सकता है।
बरुआ ने बताया कि असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा है कि लुप्तप्राय ‘पिग्मी हॉग’ की संख्या छह से बढ़कर 194 हो जाना ‘‘संरक्षण, धैर्य और दशकों के समर्पित प्रयासों की एक उल्लेखनी कहानी’’ है।
भाषा शुभम नेत्रपाल सुरभि
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