Employees Removed Before Diwali: भाजपा सरकार ने दिवाली से पहले 500 से अधिक कर्मचारियों की कर दी छुट्टी! मंत्रियों के बंगले में कर रहे थे ड्यूटी, जानिए क्यों लिया गया ऐसा बड़ा फैसला

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Employees Removed Before Diwali: भाजपा सरकार ने दिवाली से पहले 500 से अधिक कर्मचारियों की कर दी छुट्टी! मंत्रियों के बंगले में कर रहे थे ड्यूटी, जानिए क्यों लिया गया ऐसा बड़ा फैसला

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  • Publish Date - September 13, 2026 / 01:59 PM IST,
    Updated On - September 13, 2026 / 02:00 PM IST

Employees Removed Before Diwali: भाजपा सरकार ने दिवाली से पहले 500 से अधिक कर्मचारियों की कर दी छुट्टी! मंत्रियों के बंगले में कर रहे थे ड्यूटी, जानिए क्यों लिया गया ऐसा बड़ा फैसला / Image: AI Generated

HIGHLIGHTS
  • 550 कर्मचारियों को मंत्री कार्यालयों से हटाया
  • वेरिफिकेशन और औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी नहीं
  • कर्मचारियों की तैनाती के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय की मंजूरी

मुंबई: Employees Removed Before Diwali आगामी ​दिनों में हिंदू धर्म के कई त्योहार, गणेश चतुर्थी, नवरात्रि, दशहरा और दिवाली आने वाली है। ऐसे में कर्मचारियों को उम्मीद है कि सरकार महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी के साथ-साथ अच्छे बोनस का भुगतान करेगी। लेकिन इन सब के बीच महाराष्ट्र के सरकारी कर्मचारी से जुड़ी बड़ी खबर निकलकर सामने आ रही है। खबर हे कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 500 से अधिक कर्मचारियों को मूल विभाग में वापस भेज दिया है। बताया जा रहा है कि ये कर्मचारी बिना कोई वेरिफिकेशन के मंत्रियों के कार्यालय में ड्यूटी कर रहे थे।

दिवाली से पहले 550 कर्मचारियों को हटाया

Employees Removed Before Diwali मिली जानकारी के अनुसार सीएम देवेंद्र फडणवीस ने भर्ती में सख्ती के चलते बिना वेरिफिकेशन किए मंत्री-कार्यालय में काम कर रहे 550 कर्मचारियों को हटा दिया है। बताया जा रहा है कि ये फैसला भर्ती में सख्ती के चलते लिया गया है। ये सभी कर्मचारी आउटसोर्सिंग, लोनिंग और अनौपचारिक मौखिक आदेशों का तैनात थे।

मंत्रियों के कार्यालय में ड्यूटी कर रहे थे कर्मचारी

बता दें कि मुख्यमंत्री कार्यालय समेत 40 मंत्री-कार्यालयों में मंजूर किए गए 904 अस्थायी पदों में से केवल 549 पद ही मानक प्रक्रियाओं से भरे गए थे, जबकि बाकी पदों पर बिना वेरिफ़ाई किए गए, अनौपचारिक नियुक्तियां की गई थीं। यह कार्रवाई 25 अगस्त 2026 को जनरल एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट द्वारा जारी एक आदेश के तहत की गई है। इस आदेश में कहा गया था कि बिना उचित मंज़ूरी के नियुक्त किए गए, या जिनके जरूरी बैकग्राउंड चेक या ईमानदारी की जांच नहीं हुई है, वे सभी अधिकारी 10 सितंबर तक अपने मूल विभागों में लौट जाएं, वरना उनकी सैलरी रोक दी जाएगी।

सीएम हाउस से नियुक्ति के बाद होंगे तैनात

यह कदम महाराष्ट्र गवर्नमेंट रूल्स ऑफ बिजनेस 2026 में हाल ही में हुए प्रशासनिक बदलावों के अनुरूप है। इन नियमों के तहत मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को व्यक्तिगत कैबिनेट मंत्रियों के फैसलों पर व्यापक वीटो अधिकार दिए गए हैं। नई व्यवस्था के तहत, भविष्य में कर्मचारियों की किसी भी नियुक्ति के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय से कड़ी जांच और अंतिम मंज़ूरी की ज़रूरत होगी। यह सख्त कार्रवाई सभी मंत्रालयों के कामकाज पर मुख्यमंत्री का सीधा अधिकार मज़बूत करती है और राज्य के विभागों में लंबे समय से चली आ रही अनौपचारिक भर्ती प्रथाओं को खत्म करती है।

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Maharashtra Government Employees पर क्या कार्रवाई हुई है?

करीब 550 कर्मचारियों को मंत्री कार्यालयों से हटाकर उनके मूल विभागों में वापस भेजा गया है।

Maharashtra Government Employees को मंत्री कार्यालयों से क्यों हटाया गया?

जानकारी के अनुसार कुछ कर्मचारियों की नियुक्ति या तैनाती में जरूरी मंजूरी, बैकग्राउंड चेक और अन्य सत्यापन प्रक्रियाएं पूरी नहीं हुई थीं।

महाराष्ट्र में कितने मंत्री कार्यालयों में अस्थायी पद मंजूर किए गए थे?

मुख्यमंत्री कार्यालय समेत करीब 40 मंत्री कार्यालयों में 904 अस्थायी पद मंजूर किए गए थे।

Maharashtra Government Employees को मूल विभाग में लौटने की समय सीमा क्या दी गई थी?

25 अगस्त 2026 के आदेश के तहत संबंधित कर्मचारियों को 10 सितंबर तक अपने मूल विभाग में लौटने के निर्देश दिए गए थे।

महाराष्ट्र में भविष्य में मंत्री कार्यालयों में कर्मचारियों की नियुक्ति कैसे होगी?

उपलब्ध जानकारी के अनुसार भविष्य में नियुक्ति और तैनाती के लिए निर्धारित जांच प्रक्रिया तथा मुख्यमंत्री कार्यालय से अंतिम मंजूरी की व्यवस्था पर जोर दिया जाएगा।