दावणगेरे (कर्नाटक), तीन अप्रैल (भाषा) कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने विधानसभा उपचुनाव में दो दिवंगत विधायकों के परिवार के सदस्यों को उम्मीदवार बनाने के कांग्रेस के फैसले का शुक्रवार को बचाव किया और कहा कि स्थापित राजनीतिक परंपरा के तहत यह कदम उठाया गया है।
वंशवादी राजनीति के भाजपा के आरोपों पर उन्होंने कहा कि पार्टी ने उपचुनाव में उम्मीदवार के चयन के लिए “सामान्य प्रक्रिया” अपनाई है।
दावणगेरे दक्षिण से कांग्रेस विधायक शामानुर शिवशंकरप्पा और बागलकोट से विधायक एच.वाई. मेती के निधन के बाद इन सीट पर उपचुनाव हो रहे हैं।
सत्तारूढ़ कांग्रेस ने दावणगेरे में शिवशंकरप्पा के पोते और कर्नाटक के मंत्री एस.एस. मल्लिकार्जुन के बेटे समर्थ शामानुर जबकि बागलकोट में उमेश मेती को उम्मीदवार बनाया है। समर्थ का मुकाबला भाजपा के टी. दसाकरियप्पा जबकि उमेश का मुकाबला भाजपा के वीरभद्रय्या चरंतीमठ से होगा।
सिद्धरमैया ने पीटीआई वीडियोज से कहा, “यह सामान्य तरीका है कि जब किसी नेता का निधन हो जाता है तो परिवार के किसी सदस्य को उनके निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने का अवसर दिया जाता है। कांग्रेस ने यहां भी यह तरीका अपनाया है।”
मुख्यमंत्री ने नौ अप्रैल को होने वाले उपचुनाव में दोनों सीट पर पार्टी की जीत का भरोसा जताया।
उन्होंने कहा, “हमें दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में जीत का 100 प्रतिशत भरोसा है।”
भाषा जोहेब अविनाश
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